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पश्चिम बंगाल चुनाव: तीसरे चरण में 80 फीसद से ज़्यादा मतदान, हिंसा में एक की मौत

इस दौर में कांग्रेस के गढ़ समझे जाने वाले मुर्शिदाबाद में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर चौधरी की साख दांव पर है। उन पर वाममोर्चा-कांग्रेस गठजोड़ के उम्मीदवारों को जिताने की जिम्मेदारी है।

Author कोलकाता | April 22, 2016 3:09 AM
कोलकाता के एक मतदान केंद्र पर वोटिंग के लिए कतार में खड़े मतदाता। (पीटीआई फोटो)

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के तीसरे दौर में हुई हिंसा में माकपा के एक पोलिंग एजंट की मौत हो गई। कई स्थानों से तृणमूल कांग्रेस और माकपा के बीच हिंसक झड़पों की भी खबरें हैं। इस दौरान कोलकाता की सात सीटों समेत नदिया, मुर्शिदाबाद और बर्दवान जिले की 62 सीटों पर 80 फीसद से ज्यादा वोट पड़े। इन सीटों तीन बजे तक 67 फीसद से ज्यादा मतदान हो चुका था। तेज धूप के बावजूद सुबह से मतदान केंद्रों पर कतारें लगने लगी थीं। चुनाव आयोग ने इस दौर के लिए सुरक्षा का मजबूत इंतजाम करते हुए लगभग एक लाख जवानों को तैनात किया था।

मुर्शिदाबाद जिले की डोमकल सीट पर शिवापाड़ा इलाके में एक मतदान केंद्र के बार माकपा के एक पोलिंग एजंट तहीदुर इस्लाम का शव बरामद किया गया। इस सीट पर माकपा के उम्मीदवार और पूर्व मंत्री अनीसुर रहमान ने बताया कि मतदान केंद्र के बाहर बम फेंके जाने से इस्लाम की मौत हो गई। वाममोर्चा ने तृणमूल कांग्रेस पर उम्मीदवारों को आतंकित करने का आरोप लगाते हुए इस हत्या के लिए उसे ही जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि पुलिस अधीक्षक सी. सुधाकर ने कहा है कि इस हत्या का चुनावों से कोई लेना-देना नहीं है।

उधर, तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि कांग्रेस और वामपंथी दलों की आपसी लड़ाई ही इस हत्या की वजह है। इस दौर में तीन महिलाओं समेत 418 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें तृणमूल कांग्रेस के मंत्रियों शशि पांजा और साधन पांडे के अलावा भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा, माकपा के पूर्व मंत्री अनीसुर रहमान और रिटायर्ड आइपीएस अधिकारी नजरुल इस्लाम शामिल हैं। इस दौर से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने संबंधित इलाकों में रैलियां की। तृणमूल कांग्रेस की ओर से अबकी भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ही स्टार प्रचारक रहीं।

इस दौर में कांग्रेस के गढ़ समझे जाने वाले मुर्शिदाबाद में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर चौधरी की साख दांव पर है। उन पर वाममोर्चा-कांग्रेस गठजोड़ के उम्मीदवारों को जिताने की जिम्मेदारी है। जिले की 22 में से 14 सीटें पिछली बार कांग्रेस को मिली थी। इसी तरह यह गठजोड़ अबकी बर्दवान में भी अपना जनाधार वापस पाने का प्रयास कर रहा है। बीते विधानसभा चुनाव में जिले की 16 में से आठ सीटें तृणमूल ने जीती थी और सात वाममोर्चा ने। कांग्रेस को महज एक सीट से ही संतोष करना पड़ा था। इन तमाम सीटों पर तृणमूल कांग्रेस और वाम-कांग्रेस गठजोड़ के अलावा भाजपा ने भी अपने उम्मीदवार खड़े किए थे। महानगर की जिन सात सीटों पर गुरुवार को मतदान हुआ वे सभी पिछली बार तृणमूल की झोली में गई थीं।

चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि महानगर की बेलेघाटा सीट मतदान केंद्रों के बाहर खड़े वोटरों को धमकाने की शिकायतें मिली हैं। इस मामले में सात लोगों को हिरासत में लिया गया है। बर्दवान से मिली खबरों के मुताबिक जिले के केतुग्राम विधानसबा क्षेत्र में चुनावी हिंसा में कम से कम छह लोग घायल हो गए। वहां एक मतदान केंद्र के बाहर हुए संघर्ष में एक माकपा कार्यकर्ता सेल्टू शेख का कान काट लिया गया जबकि एक अन्य का पांव टूट गया। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कुछ सीटों पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों की गड़बड़ी के चलते कुछ देर के लिए मतदान प्रभावित हुआ।

* मुर्शिदाबाद जिले की डोमकल सीट पर शिवापाड़ा इलाके में एक मतदान केंद्र के बार माकपा के एक पोलिंग एजंट तहीदुर इस्लाम का शव बरामद किया गया।
* माकपा के उम्मीदवार और पूर्व मंत्री अनीसुर रहमान ने बताया कि मतदान केंद्र के बाहर बम फेंके जाने से इस्लाम की मौत हो गई।
* चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि महानगर की बेलेघाटा सीट मतदान केंद्रों के बाहर खड़े वोटरों को धमकाने की शिकायतें मिली हैं। इस मामले में सात लोगों को हिरासत में लिया गया है।
* बर्दवान से मिली खबरों के मुताबिक जिले के केतुग्राम विधानसबा क्षेत्र में चुनावी हिंसा में कम से कम छह लोग घायल हो गए।
* चुनाव आयोग ने इस दौर के लिए सुरक्षा का मजबूत इंतजाम करते हुए लगभग एक लाख जवानों को तैनात किया था।

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