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“मुझे बचा लो, रहम करो…छोटी बेटी है”, ममता बनर्जी ने दिखाया नंदीग्राम RO का कथित SMS

टीएमसी नेता ने आश्चर्य जताया कि पहले तो आयोग ने मुझे विजेता घोषित कर दिया। राज्यपाल ने भी बधाई दे दी। फिर क्या हुआ कि मैं बाद में पराजित घोषित कर दी गई। सियासी और कानूनी पंडितों का कहना है कि ममता के पास कोर्ट के पास जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं है।

Mamata Banerjee TMC (1)कोलकाता में मीडिया को संबोधित करतीं पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी। (फोटोः पीटीआई)

टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने नंदीग्राम चुनावों में ईवीएम के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए कहा है कि वहां रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) ने अपने प्राण बचाने के लिए दोबारा मतगणना कराने से इन्कार कर दिया था। ममता के पास एक एसएमएस है जो उनके मुताबिक आरओ ने लिखा था, जिसमें वह अपनी प्राणरक्षा की गुहार लगा रहा है।

ममता ने कहा है कि वे मामले को अदालत में ले जाएंगी। उधर, चुनाव आयोग के सूत्रों का कहना है कि एक चुनाव प्रेक्षक की भेजी रिपोर्ट में कहा गया था कि आरओ सचमुच दबाव में था। मगर यह दबाव टीएमसी की ओर से था कि पुनर्मतगणना कराई जाए। इंडियन एक्सप्रेस ने नंदीग्राम के आरओ किशोर कुमार बिश्वास से बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने यह कहकर इन्कार कर दिया कि वे बात करने के लिए अधिकृत नहीं हैं। इस बीच चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से कहा है कि बिश्वास को पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए।

ममता बनर्जी ने सोमवार को मीडिया को एक एसएमएस मैसेज दिखाया। उन्होंने कहा कि यह बिश्वास का संदेश है जो उन्होंने किसी को भेजा। इसमें लिखा है कि अगर उसने पुनर्मतगणना की अनुमति दी तो जान खतरे में पड़ जाएगी।

टीएमसी नेता ने आश्चर्य जताया कि पहले तो आयोग ने मुझे विजेता घोषित कर दिया। राज्यपाल ने भी बधाई दे दी। फिर क्या हुआ कि मैं बाद में पराजित घोषित कर दी गई। सियासी और कानूनी पंडितों का कहना है कि ममता के पास कोर्ट के पास जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं है।

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