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गांव की स्वयंभू अदालत ने बेटे से पिता का सिर कलम करने कहा, दया की भीख मांगी तो कटवा दीं उंगलियां

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्‍वयंभू अदालत के निर्देश पर बेटे ने बाप के दोनों हाथ की उंगलियां काट डालीं। पीड़ित फंदी सरदार के अन्‍य बेटों ने पुलिस में इसकी शिकायत दी, जिसके बाद आरोपी बेटे समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया। फंदी सरदार पर जादू-टोना करने का आरोप लगाया गया था

इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

पश्चिम बंगाल से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। स्‍वयंभू अदालत के तुगलकी फरमान पर प्रदेश के बीरभूम जिले में एक युवक ने अपने ही पिता के हाथों की सभी उंगलियां काट दीं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना जिले के रामकृष्‍णपुर गांव की है। फंदी सरदार (66) पर जादू-टोना का आरोप लगाया गया था। इसके बाद गांव में इसको लेकर पंचायत बैठी, जिसमें फंदी सरदार के बेटे को बाप का सिर कलम करने का अमानवीय और तुगलकी फरमान दिया गया। परिवार स्‍वयंभू ग्रामीणों से फंदी सरदार के जान की भीख मांगने लगे, जिसके बाद बुजुर्ग के बेटे को बाप की सभी उंगलियां काटने का फरमान दिया गया था। फंदी सरदार के अन्‍य बेटों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी। बर्बर घटना के सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। पुलिस ने फंदी के बेटे समेत 5 अरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

फंदी सरदार को करार दिया था ‘दानव का पूजक’: स्‍थानीय निवासियों ने इस घटना को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। लोगों ने बताया कि रामकृष्‍णपुर गांव के प्रमुख अनिल सरदार ने फंदी सरदार को ‘दानव पूजक’ करार दे दिया था। इसके बाद आदिवासी बहुल इस गांव में अनिल की अध्‍यक्षता में अदालत लगाई गई। इसमें फंदी का सिर कलम करने का फरमान सुनाया गया। परिजनों द्वारा रहम की भीख मांगने के बाद स्‍वयंभू अदालत ने फंदी के बेटे को उसके हाथों की सभी 10 उंगलियों को काटने का आदेश दे दिया। बुजुर्ग के बेटे ने इस बर्बर फरमान का पालन करते हुए बाप के दोनों हाथ की सभी उंगलियां काट डाली।

गांव के दबंग दे रहे घर जलाने की धमकी: यह घटना 9 अक्‍टूबर की है। फंदी सरदार के अन्‍य बेटों की शिकायत पर पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तारियां भी की हैं। हालांकि, पुलिसिया कार्रवाई के बाद पीड़ित परिवार को गंभीर परिणाम भुगतन और सामाजिक बहिष्‍कार की धमकियां मिलने लगीं हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद फंदी सरदार के 19 सदस्‍यीय परिवार ने 10 अक्‍टूबर को अपना घर-बार छोड़ दिया। ‘द टेलीग्राफ’ के मुताबिक, परिवार ने गांव से तकरीबन 3 किलोमीटर दूर हाईवे किनारे शरण ले रखी है। इनमें से अधिकांश औरतें और बच्‍चे हैं। फंदी सरदार के बड़े बेटे लक्ष्‍मीराम की पत्‍नी ललिता ने बताया कि उनके पति द्वारा पुलिस में इसकी शिकायत करने के बाद ग्रामीणों ने उनके घर को जला देने तक की धमकी दी। हालांकि, बाद में पुलिस सुरक्षा में परिवार को उनके घर पहुंचाया गया।

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