पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका इस्तीफा राज्य में जल्द होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुआ है। पूर्व आईएएस अधिकारी बोस ने नवंबर, 2022 में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी।
बोस ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”हां, मैंने इस्तीफा दे दिया है। मैं साढ़े तीन साल तक बंगाल का राज्यपाल रहा हूं, मेरे लिए इतना ही काफी है।” उन्होंने हालांकि अचानक इस्तीफा देने के कारणों का खुलासा नहीं किया और न ही यह बताया कि क्या कोई राजनीतिक दबाव था जिसके कारण उन्होंने यह फैसला लिया।
पश्चिम बंगाल में अप्रैल-मई में विधानसभा के चुनाव होने हैं। टीएमसी लगातार चौथी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है और विपक्षी दल बीजेपी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने के लिए ताकत लगा रही है।
आर.एन. रवि होंगे राज्यपाल- ममता बनर्जी
इस मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर लिखा, ‘सी.वी. आनंद बोस के अचानक इस्तीफे की खबर से मैं स्तब्ध और बेहद चिंतित हूं। उनके इस्तीफे के कारणों की जानकारी मुझे अभी नहीं है… केंद्रीय गृह मंत्री ने अभी मुझे सूचित किया है कि आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया जा रहा है। उन्होंने इस संबंध में मुझसे परामर्श नहीं किया।’
लद्दाख के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने भी दिया इस्तीफा
सीवी बोस के इस्तीफा देने के साथ ही लद्दाख के उप राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने भी इस्तीफा दे दिया। उन्हें पिछले साल जुलाई में इस केंद्र शासित प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। गुप्ता जम्मू और कश्मीर के उप मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में रामकृष्ण परमहंस की जयंती पर सोशल मीडिया पोस्ट में ‘स्वामी’ शब्द का इस्तेमाल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की थी। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
