पश्चिम बंगाल की 152 विधानसभा क्षेत्रों में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहले फेज की वोटिंग के लिए मतदान गुरुवार सुबह शुरू हो गया। इन विधानसभाओं में पोलिंग बूथों पर सुरक्षा के लिए सीएपीएफ और राज्य पुलिस के 2.4 लाख जवानों की तैनाती की गई।
पहली बार, सीएपीएफ कर्मचारियों को मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे तक सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि किसी भी तरह की धमकी या हिंसा को रोका जा सके।
नागरिक स्वयंसेवक या संविदा कर्मचारी शामिल नहीं
इस बार राज्य या केंद्र सरकार की ओर से किसी भी नागरिक स्वयंसेवक या संविदा कर्मचारी को मतदान ड्यूटी पर नहीं लगाया गया है। कोलकाता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के ऑफिस में एक सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से वरिष्ठ अधिकारी निगरानी रख रहे हैं।
राज्य के 44,376 बूथों पर सुबह पांच बजे मॉल पोल शुरू हो गए और चुनाव वाले 16 जिलों में से कई जगहों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। इस चरण में कुल 1478 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
कूच बिहार दक्षिण, करनदीघी और इटाहार में उम्मीदवारों की संख्या सबसे अधिक है, जहां हर एक में 15 प्रत्याशी हैं, वहीं, पश्चिमी मेदिनीपुर के चंद्रकोना में यह संख्या सबसे कम है, जहां पांच उम्मीदवार हैं।
पहले चरण में कितने वोटर?
आखिरी समय में 139 वोटरों को शामिल किए जाने के बाद, इस चरण के लिए कुल वोटरों की संख्या 3,60,77,310 हो गई है। मुर्शिदाबाद के समशेरगंज में सबसे कम वोटर 1,61,435 हैं, जबकि पश्चिम मेदिनीपुर के दासपुर में सबसे अधिक 2,90,045 हैं।
चुनाव आयोग कर रहा निगरानी
स्वतंत्र और निष्पक्ष वोटिंग सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था भी की है। साथ ही 152 सामान्य पर्यवेक्षक और 58 पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने बुधवार देर रात तैयारियों का जायजा लिया और सभी 16 जिलों के ऑब्जर्वर और अधिकारियों के साथ बैठक की।
पहले चरण में कई प्रमुख चेहरों के भविष्य दांव पर
इस चरण में कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों का भविष्य तय होगा, इनमें विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी, भाजपा नेता दिलीप घोष, शंकर घोष, अग्निमित्रा पॉल और निशीथ प्रमाणिक, टीएमसी नेता उदयन गुहा, काजल शेख, कनैलाल अग्रवाल, गौतम देव और अर्पिता घोष तथा कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, मौसम बेनजीर नूर और अली इमरान रमज विक्टर शामिल हैं।
कई जगहों पर हिंसक झड़प
इसी बीच मोथाबाड़ी के एक बूथ पर EVM में खराबी के कारण मतदान कुछ देर के लिए बाधित रहा।
इसके अलावा, राज्य के कुछ जगहों से हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं, शीतलकुची में बीजेपी किसान मोर्चा के नेता पर कथित हमले के बाद उन्हें गंभीर चोटें आईं। नाओदा में टीएमसी उम्मीदवार साहिना मुमताज ने दावा किया कि उन पर आम जनता उन्नयन पार्टी के समर्थकों ने हमला किया था। हालांकि पार्टी नेता हुमांयू कबीर ने इससे इनकार किया।
बुधवार रात सीपीआई(एम) और टीएमसी समर्थकों के बीच झपड़ हुई जिसमें चार लोग घायल हो गए।
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पश्चिम बंगाल में गुरुवार को विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मंच तैयार है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी का लक्ष्य लेकर चल रही है, लेकिन पार्टी को अपने रास्ते में कुछ अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
