पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान आज जारी है। यह चरण काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें कई हाई-प्रोफाइल सीटों पर बड़े नेताओं की किस्मत दांव पर है। कुल 16 जिलों की 152 सीटों पर वोटिंग हो रही। उत्तर बंगाल, दक्षिण बंगाल और जंगलमहल क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण इलाके इस चरण में शामिल हैं। मतदान सुबह 7 बजे से शुरू हो चुका है। यह शाम 6 बजे तक चलेगा।
इस चरण में मुकाबला मुख्य रूप से तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी के बीच माना जा रहा है। कुछ सीटों पर कांग्रेस और अन्य दल भी मुकाबले को त्रिकोणीय बना रहे हैं। मतदाताओं की नजर खासकर उन सीटों पर है जहां बड़े नेता या चर्चित चेहरे मैदान में हैं और जहां पिछली बार करीबी मुकाबला हुआ था।
विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम से चुनाव लड़ रहे हैं
सबसे चर्चित सीट नंदीग्राम मानी जा रही है, जहां विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी मैदान में हैं। उनका मुकाबला तृणमूल कांग्रेस के पबित्र कर से है। यह वही सीट है जहां 2021 में भी बड़ा राजनीतिक टकराव देखने को मिला था। इसलिए इस बार भी पूरे राज्य की नजर इसी सीट पर टिकी हुई है।
खड़गपुर सदर सीट पर भाजपा नेता दिलीप घोष
खड़गपुर सदर सीट पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला टीएमसी के प्रदीप सरकार से है। यह सीट पहले भी दोनों पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला देख चुकी है, इसलिए यहां परिणाम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आसनसोल दक्षिण सीट पर बीजेपी की अग्निमित्रा पॉल और टीएमसी के तापस बनर्जी के बीच सीधा मुकाबला है। दोनों ही नेता अपने-अपने दलों में मजबूत पहचान रखते हैं, इसलिए यह सीट भी हाई-प्रोफाइल मानी जा रही है।
बहरामपुर सीट पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी
बहरामपुर सीट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी का मुकाबला बीजेपी के सुभ्रत माईत्रा से है। यह सीट पहले कांग्रेस का मजबूत गढ़ रही है, लेकिन पिछले चुनावों में यहां मुकाबला काफी बदल गया है।
माथाभांगा (SC) सीट पर केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक बीजेपी के टिकट पर मैदान में हैं। उनके सामने टीएमसी के साब्लु बर्मन हैं। यह सीट उत्तर बंगाल की महत्वपूर्ण सीटों में से एक है और यहां बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है।
रायगंज सीट पर टीएमसी के कृष्णा कल्याणी और बीजेपी के कौशिक चौधरी के बीच सीधा मुकाबला है। यह सीट लगातार राजनीतिक बदलावों के कारण चर्चा में रहती है और यहां मुस्लिम मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
मालदा (SC) सीट पर टीएमसी की लिपिका बर्मन घोष और बीजेपी के गोपाल चंद्र साहा आमने-सामने हैं। यह इलाका पहले कांग्रेस का गढ़ रहा है, लेकिन अब यहां मुकाबला काफी कड़ा हो गया है।
डोमकल सीट पर पूर्व टीएमसी नेता हुमायूं कबीर नई पार्टी से मैदान में हैं
डोमकल सीट पर पूर्व टीएमसी नेता हुमायूं कबीर अपनी नई पार्टी से चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला सीपीआई (एम) के मुस्तफिजुर रहमान से है। यह सीट इस बार त्रिकोणीय या बहुकोणीय मुकाबले में बदल गई है। पानिहाटी सीट पर टीएमसी के निर्मल घोष और बीजेपी की रत्ना देबनाथ के बीच टक्कर है। यह सीट उत्तर 24 परगना की महत्वपूर्ण सीटों में शामिल है।
इसके अलावा ओंडा, बालुरघाट और दार्जिलिंग जैसी सीटों पर भी कड़ा मुकाबला है, जहां स्थानीय मुद्दे और क्षेत्रीय समीकरण चुनाव को प्रभावित करेंगे। कुल मिलाकर पहले चरण का यह मतदान पश्चिम बंगाल की राजनीति की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। अब देखना होगा कि जनता किसके पक्ष में फैसला देती है और किसके हाथ में सत्ता की राह मजबूत होती है।
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सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल की एक महिला वोटर को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने ट्रिब्यूनल को आदेश दिया कि महिला को जल्द से जल्द सुनवाई का मौका मिले, ताकि वह 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अपना वोट दे सके। ऐसा इसलिए कि क्योंकि महिला के पास 2015 से वैध पासपोर्ट है। उसका नाम 2002 की वोटर लिस्ट में भी था और वह तब से हर चुनाव में वोट देती रही है। 56 वर्षीय मनोवारा खातून एक प्रतिष्ठित व्यवसायी हैं। उनकी ओर से याचिका दायर करने वाली अधिवक्ता रंजीता रोहतगी के अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया के बाद उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक
