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ममता बनर्जी ने NRC को बताया फेल, बीजेपी चीफ दिलीप घोष बोले- बंगाल में भी हो लागू

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘एनआरसी की विफलता ने उन सभी लोगों को उजागर कर दिया है जो इससे राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें देश को बहुत जवाब देने है।’’

Author कोलकाता | Published on: September 1, 2019 10:51 AM
dilip ghosh and mamataपश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) की अपडेटेड फाइनल लिस्ट को एक ‘‘विफलता’’ बताया और कहा कि इसने उन सभी को उजागर कर दिया है जो इसे लेकर ‘‘राजनीतिक लाभ’’ हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। बनर्जी ने बड़ी संख्या में बंगालियों को एनआरसी की अंतिम सूची से ‘‘बाहर’’ रखे जाने पर भी चिंता जताई।

एनआरसी सूची में 19 लाख से अधिक आवेदक जगह बनाने में रहे विफलः उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘‘एनआरसी की विफलता ने उन सभी लोगों को उजागर कर दिया है जो इससे राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें देश को बहुत जवाब देने है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ऐसा तब होता है जब कोई कार्य समाज की भलाई और देश के व्यापक हित के बजाय गलत उद्देश्य के लिए किया जाए।’’असम में बहुप्रतीक्षित एनआरसी की अद्यतन अंतिम सूची शनिवार (31 अगस्त) को जारी कर दी गई। एनआरसी में 19 लाख से अधिक आवेदक अपना स्थान बनाने में विफल रहे।

‘बांग्ला भाषियों से मेरी हमदर्दी’: बनर्जी ने कहा, ‘‘मेरी हमदर्दी उन सभी, विशेषकर बड़ी संख्या में बांग्ला भाषी भाइयों और बहनों के साथ है, जो इस व्यर्थ की प्रक्रिया के कारण पीड़ित हुए हैं।’एनआरसी के राज्य समन्वयक कार्यालय ने एक बयान में कहा कि 3,30,27,661 लोगों ने एनआरसी में शामिल होने के लिए आवेदन दिया था। इनमे से 3,11,21,004 लोगों को दस्तावेजों के आधार पर एनआरसी में शामिल किया गया है और 19,06,657 लोगों को बाहर कर दिया गया है। जिन लोगों के नाम एनआरसी से बाहर रखे गए है, वे इसके खिलाफ 120 दिन के भीतर विदेशी न्यायाधिकरण में अपील दर्ज करा सकते हैं। यदि वे न्यायाधिकरण के फैसलों से संतुष्ट नहीं होते हैं तो वे उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय का रूख कर सकते है।

भाजपा शरणार्थियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्धः वहीं पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बांग्लादेशी मुस्लिमों को बाहर निकालने के लिए राज्य में एनआरसी लागू करने की शनिवार को मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा नागरिकता संशोधन विधेयक के जरिए हिंदू शरणार्थियों के हितों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है। घोष ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर अपना अल्पसंख्यक वोट बैंक सुरक्षित रखने के लिए बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में बांग्लादेशियों की घुसपैठ में मदद करने का आरोप लगाया।

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असम में भी बंगाल की तरह लागू हो एनआरसीः उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘हम मांग करते हैं कि असम की तरह बंगाल में भी एनआरसी लागू होनी चाहिए। अगर टीएमसी सरकार कोई कठिन फैसला लेना नहीं चाहती तो हम इसे लागू करेंगे और 2021 में सत्ता में आने के बाद राज्य से बांग्लादेशी मुस्लिमों को बाहर निकाल देंगे।’’ घोष ने कहा कि धार्मिक अत्याचारों या अन्य कारणों से बांग्लादेश या अन्य देशों को छोड़ने के लिए विवश हुए हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता संशोधन विधेयक के तहत देश की नागरिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हिंदू शरणार्थियों को चिंता करने की जरूरत नही है। भाजपा उनके साथ खड़ी है और उन्हें नागरिकता दी जाएगी।’’

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