पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 207 सीटों पर जीत दर्ज करते हुए प्रचंड बहुमत हासिल किया। इस बीच कोलकाता के काशीपुर-बेलगाछिया निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा विधायक रितेश तिवारी ने बुधवार को कहा कि वह मुसलमानों के लिए काम नहीं करेंगे क्योंकि हाल के चुनावों में उनमें से किसी ने भी उन्हें वोट नहीं दिया।

भाजपा विधायक को टीएमसी एमपी सागरिका घोष द्वारा शेयर किए गए वीडियो में यह कहते हुए देखा गया कि आने वाले पांच साल में एक काम उनके लिए नहीं करूंगा। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “आपके क्षेत्र में लगभग 74 वर्षों के चुनावों में, मैं पहला उम्मीदवार हूं जिसे एक भी मुस्लिम वोट नहीं मिला। जिन्होंने मुझे वोट दिया है, उनका मुझ पर अधिकार है। जहां तक उन लोगों की बात है जिन्होंने मुझे वोट नहीं दिया, मैं उनके घर जाकर वोट मांगने तक नहीं गया। बाबा भोलेनाथ को साक्षी मानकर मैं कहता हूं कि आने वाले 5 वर्षों में मैं उनके लिए कोई काम नहीं करूंगा। मैं उन्हें एक भी प्रमाण पत्र जारी नहीं करूंगा, एक भी प्रमाण पत्र नहीं।”

रितेश तिवारी ने आगे कहा, “यह बैठक लाइव प्रसारित हो रही है लेकिन मुझे इस बात की परवाह नहीं है कि कौन क्या सोचता है और कौन क्या कहता है। मोदी जी कहते हैं सबका साथ सबका विकास, मैं इसे स्वीकार करता हूं लेकिन इस चुनाव में उन्होंने इसमें कुछ और शब्द जोड़ दिए हैं, ‘सबका हिसाब’ तो मैं हिसाब चुकाऊंगा।” तिवारी ने आगे कहा, “लेकिन टीएमसी ने 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद जो किया वैसा नहीं बल्कि लोकतांत्रिक तरीकों से, बिना किसी को थप्पड़ मारे, बिना किसी से एक पैसा लिए।”

जिन्होंने मुझे वोट दिया, उनका मुझ पर अधिकार- रितेश तिवारी

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान रितेश तिवारी ने स्वीकार किया कि उन्होंने वे टिप्पणियां की थीं और वे उन पर कायम हैं। उन्होंने कहा, “हिंदू बहुल मतदान केंद्रों में मुझे कुछ वोट मिले और दूसरों को भी कुछ वोट मिले लेकिन मुस्लिम बहुल मतदान केंद्रों में सिर्फ टीएमसी को वोट मिले किसी और को नहीं। टीएमसी के पक्ष में मुस्लिम मतदाताओं का एकजुट वोट या ब्लॉक वोट पड़ा। जिन्होंने मुझे वोट दिया है, उनका मुझ पर अधिकार है। मेरे पास सीमित संसाधन हैं, जिन्हें मैं अपने मतदाताओं के साथ साझा करूंगा। मैं अपने मतदाताओं के अधिकारों को किसी ऐसे व्यक्ति के लिए क्यों छीनूं जिसने मुझे वोट नहीं दिया? आप मेरी आलोचना कर सकते हैं। लोग इसके बारे में बातें कर सकते हैं, लेकिन मेरा मुद्दा यही है।”

रितेश तिवारी ने टीएमसी के दिग्गज नेता और कोलकाता नगर निगम के उप महापौर अतीन घोष को हराकर जीत हासिल की। ​​रितेश तिवारी को 68,368 वोट मिले जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 66,717 वोट मिले।

BJP की बंगाल विजय में अहम रही संघ की भूमिका

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की अभूतपूर्व जीत में वैसे तो कई कारक रहे हैं लेकिन एक अहम बिंदु RSS का है। बीजेपी के लिए आरएसएस ने पिछले एक दशक में शांत तरीके से जमीन पर उतरकर काम किया। उसी का नतीजा है कि 2026 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी सत्ता तक पहुंच गई। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें