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बंगाल चुनाव : चौथे चरण से पहले दो अधिकारी हटाए

बंगाल चुनाव : इसके पहले उत्तर कोलकाता की सात सीटों के लिए होने वाले मतदान के पहले कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को हटा दिया गया था।

Author कोलकाता | April 23, 2016 02:46 am
चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

चुनाव आयोग ने विरोधी दलों की शिकायत पर एक जिले के पुलिस अधीक्षक और दूसरे जिले के जिला अधिकारी को हटा दिया है। दूसरी ओर गुरुवार को तीसरे चरण के मतदान के दौरान बर्दवान जिले में दो माकपा समर्थकों की हत्या कर दी गई। उत्तर चौबीस परगना जिले के पुलिस अधीक्षक तन्मय राय चौधरी को पक्षपातपूर्ण रवैए के कारण हटा दिया गया है। उनकी जगह अन्नप्पा ई को नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है।

इसके साथ ही दक्षिण चौबीस परगना जिले के जिला अधिकारी पीबी सलेम को भी हटा दिया गया है। उनके खिलाफ भी विरोधी दलों की ओर से सत्ताधारी दल के लिए काम करने और विपक्ष के साथ पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाए जाने की शिकायत की गई थी। उनकी जगह अवनिंद्र सिंह को नया जिलाधिकारी बनाया गया है।

मालूम हो कि इसके पहले उत्तर कोलकाता की सात सीटों के लिए होने वाले मतदान के पहले कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को हटा दिया गया था। इसके पहले चुनाव आयोग की ओर से विपक्ष की शिकायतें मिलने के कारण करीब कई पुलिस अधीक्षक और जिलाधीश समेत 40 पुलिसवालों का तबादला कर दिया गया था। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल में एक चुनावी सभा में कहा था कि चुनाव शुरू होने से पहले से लेकर अब तक आयोग ने 350 पुलिसवालों का तबादला कर दिया है।

दूसरी ओर बर्दवान जिले के खंडघोष विधानसभा सीट के लोधना इलाके में मतदान के बाद हुई हिंसा में माकपा के दो समर्थकों की हत्या कर दी गई। उक्त घटना से इलाके में भारी तनाव है। माकपा के स्थानीय नेताओं ने आरोप लगाया कि इस हत्याकांड में तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों व कार्यकर्ताओं का हाथ है। हालांकि तृणमूल ने आरोप को गलत बताया है।

जिले के पुलिस अधीक्षक गौरव शर्मा ने बताया कि माकपा के दो कार्यकर्ता जो गुरुवार को मतदान के दौरान पोलिंग एजंट की भूमिका में थे, उन दोनों की हत्या कर दी गई। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक एसके फजल हक (56) और दुखीराम दोल (56) पर गुरुवार की रात कुछ अज्ञात लोगों ने लाठियों और लोहे की छड़ों से उस समय हमला किया जब वे घर लौट रहे थे। पुलिस ने बताया कि दोनों को जख्मी हालत में बर्दवान अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ घंटों के बाद दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने दोनों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। माकपा नेताओं ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ही उनकी पार्टी के दोनों कार्यकर्ताओं पर हमला किया था।

वहीं, तृणमूल नेता और गलसी विधानसभा सीट से पार्टी के उम्मीदवार आलोक माझी ने आरोपों का खंडन किया है। पुलिस ने बताया कि उक्त घटना से इलाके में तनाव है। पुलिस मामले की छानबीन और आसपास के लोगों से पूछताछ में जुटी है। समाचार लिखे जाने तक इस सिलसिले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। मालूम हो कि गलसी विधानसभा क्षेत्र ग्रामीण बर्दवान के अधीन आता है, जहां गुरुवार को तीसरे चरण के मतदान हुआ था।

इस विधानसभा क्षेत्र के बीआर आंबेडकर प्राथमिक स्कूल के 209 नंबर बूथ पर जाने वाले लोगों को तृणमूल समर्थकों ने रोका था, जिसका मतदाताओं विरोध किया था, जिसके बाद वहां मारपीट की नौबत आ गई थी। इस घटना को लेकर इलाके में तनाव फैल गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली रात से ही उन्हें मतदान केंद्र पर नहीं जाने की धमकी दी जी रही थी। इस बूथ पर बैठे माकपा को दोनों पोलिंग एजंट गुरुवार की रात मतदान समाप्ति के बाद जब घर लौट रहे थे, तब उनपर हमला किया गया।

माकपा के राज्य सचिव सूर्यकांत मिश्र ने कहा कि हक व दुखीराम के बेटे हमारे पोलिंग एजंट थे। उन्हें तृणमूल कार्यकर्ताओं ने मार दिया। तृणमूल के हारने की हताशा जारी है। उन्होंने कहा-तीन दिनों में हमारे कार्यकर्ताओं की जघन्य हत्याएं साबित करती हैं कि तृणमूल कितनी बेचैन हो उठी है। ये हत्याएं इसके सिर पर मंडराते हार के डर का नतीजा हैं। वहीं, से तृणमूल नेता उत्तम सेनगुप्त ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दोहरा हत्याकांड माकपा की अंदरूनी गुटीय लड़ाई का परिणाम है।

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