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पश्चिम बंगालः TMC ने जारी किया चुनावी स्लोगन, CM ममता को बताया सूबे की बेटी

टीएमसी की भाजपा के साथ तल्ख राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता चल रही है और वह पार्टी (भाजपा) के नेताओं को बाहरी कहती है जो राज्य में ‘‘चुनावी सैर सपाटे’’ के लिए आए हैं।

Mamata Banerjee, TMC, India Newsपश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक कार्यक्रम में जाते हुए सीएम और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी। (फाइल फोटोः पीटीआई)

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने विधानसभा चुनावों से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ‘बंगाल की बेटी’ बता दिया है। शनिवार को पार्टी ने ‘बंगाल को चाहिए अपनी बेटी’ का नारा दिया और ‘स्थानीय बनाम बाहरी’ के मुद्दे पर बहस को और बढ़ा दिया।

इस नारे के साथ बनर्जी की फोटो वाले होर्डिंग समूचे कोलकाता में लगाये गये हैं। सत्तारूढ़ पार्टी ने ईएम बाईपास के पास स्थित अपने मुख्यालय से आधिकारिक रूप से इसकी शुरुआत की। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा, ‘‘राज्य के लोग अपनी बेटी चाहते हैं जो पिछले कई साल से मुख्यमंत्री के रूप में उनके साथ है। हम बंगाल में किसी बाहरी को नहीं लाना चाहते हैं।’’

वहीं, नए नारे पर पार्टी नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा- हमारा नारा लोगों की व्याख्या के लिए है। इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग क्षेत्र से जुड़ा काम पिछले 10 साल में हुआ और आगामी चुनाव में हमने इसे चार शब्दों में पिरो दिया है।

टीएमसी की भाजपा के साथ तल्ख राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता चल रही है और वह पार्टी (भाजपा) के नेताओं को बाहरी कहती है जो राज्य में ‘‘चुनावी सैर सपाटे’’ के लिए आए हैं।

मोदी 22 फरवरी को असम, बंगाल का दौरा करेंगेः उधर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22 फरवरी को चुनावी राज्यों असम और पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे, जहां वह तेल व गैस क्षेत्र के साथ रेलवे की कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, पीएम बंगाल में नोआपाड़ा और दक्षिणेश्वर के बीच मेट्रो की विस्तारित सेवा का उद्घाटन करेंगे और इस खंड पर हरी झंडी दिखाकर पहली ट्रेन को रवाना करेंगे। लगभग 4.1 किलोमीटर लंबे इस विस्तारित खंड के निर्माण पर 464 करोड़ रुपये की लागत आई है। यह पूरा खर्च केंद्र सरकार ने वहन किया है।

चुनावी तैयारियों के तहत केंद्रीय सुरक्षा बल पहुंचे बंगालः इसी बीच, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 12 कंपनियां चुनाव तैयारियों के तहत पश्चिम बंगाल पहुंची। अधिकारियों ने समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया कि दो कंपनियां रेलगाड़ी से दुर्गापुर पहुंची, जबकि एक कंपनी वर्द्धमान पहुंची। हावड़ा के नजदीक दानकुनी भी सुरक्षाबलों की पांच कंपनिया पहुंच चुकी हैं। वहीं चार अन्य कंपनियां रेलगाड़ी से चितपुर इलाके स्थित कोलकाता रेलवे स्टेशन पहुंची है। निर्वाचन आयोग ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर 25 फरवरी तक पश्चिम बंगाल में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 125 कंपनियों को तैनात करने का फैसला किया है। बता दें कि राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए अप्रैल-मई में चुनाव होने की संभावना है। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)

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