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पीएम मोदी की रैली में आने वालों को 1000 का कूपन, TMC ने लगाया कैश फॉर वोट का आरोप, भाजपा ने कहा- डोनेशन की रसीद

रायदिघी से भाजपा उम्मीदवार ने कहा, "यह कूपन व्यापारियों और वेतन पाने वाले लोगों के लिए थे, लेकिन अब पार्टी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर गरीब गांववालों के पास यह कूपन कैसे पहुंचे।"

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र कोलकाता | Updated: April 7, 2021 10:29 AM
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24-परगना स्थित रायदिघी में गांववालों को दिए गए यह कूपन। (फोटो- द टेलिग्राफ)

पश्चिम बंगाल में जारी विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। हर फेज के चुनाव प्रचार के दौरान तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और लेफ्ट पार्टी-कांग्रेस एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करती दिखती हैं। अब टीएमसी और लेफ्ट ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि पार्टी ने दक्षिण 24-परगना के रायदिघी गांव में गांववालों को हजार रुपए का कूपन बांटकर उनका वोट खरीदा है। बता दें कि रायदिघी में मंगलवार को तीसरे फेज में मतदान हुआ था।

टीएमसी और सीपीएम समर्थकों का आरोप है कि रायदिघी में भाजपा का स्थानीय नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोटो वाले एक हजार रुपए के कूपन बांट चुका है। यहां लोगों से वादा किया गया था कि मोदी की एक अप्रैल को होने वाली जयनगर वाली रैली में आने वाले और भाजपा को वोट देने वालों को एक हजार रुपए का भुगतान किया जाएगा।

द टेलिग्राफ अखबार के मुताबिक, गांववालों ने भी कहा है कि यह कूपन उन्हें भाजपा के पक्ष में वोटिंग करने और आयोजित की गई रैली में पहुंचने के प्रस्ताव के साथ दिए गए। हालांकि, भाजपा नेताओं ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है। पार्टी का कहना है कि यह कूपन असल में दान की रसीद है, जिससे दक्षिण 24-परगना में ही एक मीटिंग आयोजित की जानी थी।

टीएमसी छोड़कर भाजपा में आए शांतनु बापुली, जो कि रायदिघी से पार्टी के उम्मीदवार भी हैं, ने कहा, “यह कूपन प्रधानमंत्री के लिए आयोजित की गई रैली के लिए दान जुटाने के लिए दिए गए थे, न कि रैली में भीड़ बढ़ाने और भाजपा को वोट डालने के बदले कैश देने के लिए।”

भाजपा नेता ने कहा, “यह कूपन व्यापारियों और वेतन पाने वाले लोगों के लिए थे, लेकिन अब पार्टी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर गरीब गांववालों के पास यह कूपन कैसे पहुंचे।” बापुली ने बाद में बताया कि इन कूपनों को उन ट्रक ड्राइवरों को भी दिया गया था, जिन्होंने भाजपा की रैलियों में लोगों को पहुंचाया। उन्होंने कहा, “अगर किसी वाहन को दो हजार रुपए में किराए पर लिया गया, तो उसके मालिक को एक हजार के दो कूपन दिए गए। वे इन कूपनों को दिखाकर बाद में हमसे नकद लेने आए थे।”

भाजपा की मथुरापुर जिला कमेटी द्वारा छापे गए इन कूपनों में एक हजार रुपए के साथ पीएम मोदी की फोटो लगी है। हालांकि, इनमें डोनेशन जैसा शब्द कहीं नहीं लिखा है। दूसरी तरफ बापुली का कहना है कि यह कूपन सिर्फ डोनेशन के लिए थे और तृणमूल और सीपीएम ने हार के डर से हाथ मिला लिया है, ताकि वे भाजपा को बदनाम कर सकें। हमें बंगाल में वोट खरीदने की कोई जरूरत नहीं है।

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