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पश्चिम बंगाल: आठ हत्यारों को दी जाएगी फांसी, एक को उम्रकैद

कॉलेज छात्र सौरव चौधरी अपने इलाके में असामाजिक तत्वों के खिलाफ अभियान चला रहा था। उसकी हत्या कर दी गई और पांच जुलाई 2014 को उसका शव रेलवे लाइन के पास पाया गया था।
Author बारासात (प. बंगाल) | April 20, 2016 02:56 am
अधिकतम सजा की मांग करते हुए अभियोजक ने दलील दी कि विदेशी के साथ हुआ अपराध बर्बरतापूर्ण एवं अमानवीय ढंग से किया गया तथा इन दोषियों ने देश की छवि पर धब्बा लगाया है।

पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले में एक कॉलेज छात्र की हत्या के आरोप में जिला अदालत ने मंगलवार आठ लोगों को मृत्युदंड दिया जबकि एक अन्य दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, बारासात दमन प्रसाद विश्वास ने एक महिला सहित तीन लोगों को पांच साल की सजा सुनाई। उन्होंने पांच जुलाई 2014 को जिले के बामुनगाची में सौरव चौधरी की हत्या के मामले में यह सजा सुनाई।

जिन लोगों को मृत्युदंड दिया गया है उनमें श्यामल करमाकर, सुमन सरकार, सुमन दास, सोमनाथ सरकार, तपस विश्वास, रतन सामदार एवं तारक दास शामिल हैं। राकेश बर्मन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। जिन तीन अन्य को पांच साल की जेल की सजा सुनाई गई है उनमें पाल मैती, शिशिर मुखर्जी और रतन दास शामिल हैं। चौधरी अपने इलाके में असामाजिक तत्वों के खिलाफ अभियान चला रहा था। उसकी हत्या कर दी गई और पांच जुलाई 2014 को उसका शव रेलवे लाइन के पास पाया गया था।

हत्या के पांच दोषियों को उम्रकैद: उधर बिहार के दरभंगा जिले की एक अदालत ने 2013 में एक व्यक्ति की हत्या के मामले में मंगलवार पांच अभियुक्तों को उम्रकैद और 25-25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। अपर लोक अभियोजक पूनम झा ने बताया कि बेनीपुर अनुमंडल न्यायालय के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) सुधाकर सिंह ने 2013 में बहेरा थाना अंतर्गत अंतौर गांव निवासी गुलाब सहनी की हत्या के मामले में मंगलवार पांच अभियुक्तों गणेश सहनी, टुन्नी लाल सहनी, दुर्गा सहनी, शिवजी सहनी और राजकुमार सहनी को उम्रकैद की सजा सुनाई।

गणेश सहनी मणिगाछी थाना अंतर्गत जगदीशपुर गांव के निवासी तथा बाकी अन्य अभियुक्त बहेरा थाना अंतर्गत अंतौर गांव के निवासी हैं। इन अभियुक्तों पर आठ जुलाई 2013 को गुलाब सहनी की भूमि के विवाद को लेकर चाकू मार कर हत्या कर देने का आरोप था। इस मामले में मृतक के पिता सुरेश सहनी ने बहेरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अदालत ने इस मामले में आरोपी दो अन्य व्यक्तियों रजिया देवी और गौरी देवी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।

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