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Weather Report: नॉर्थ ईस्ट में भारी बारिश से 10 लोगों की मौत, असम में बाढ से 8 लाख प्रभावित; जानें UP और दिल्ली का हाल

भारी बारिश ने पूरे देश में जलजमाव और बाढ़ जैसी स्थित पैदा कर दी है। इस बारिश के कारण कई लोगों की जान भी चली गई है।

Author नई दिल्ली | Updated: July 13, 2019 8:15 AM
प्रतीकात्मक फोटो (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

Weather Update: भारी बारिश के कारण शुकवार (12 जुलाई) को पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में जमीन दरकने और मकान गिरने की घटनाओं में कम से कम दस लोगों की मौत हो गई है। जबकि असम में साढ़े आठ लाख लोगों के बाढ़ से प्रभावित की खबर हैं। वहीं, बीते नौ दिनों में उत्तर प्रदेश में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि राजधानी दिल्ली को अभी बारिश का इंतजार है। शुकवार (12 जुलाई) को गर्मी और उमस के बीच अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से तीन डिग्री ऊपर है। बताया जा रहा है कि राजधानी में 15-16 जुलाई को बारिश की उम्मीद है।

असम में बाढ़ जौसी स्थितिः असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के आधे से अधिक जिले ब्रह्मपुत्र नदी एवं उसकी सहायक नदियों में आई बाढ़ के पानी में जलमग्न हैं। इसकी वजह से तीन लोगों की मौत हो गई है और राज्य के 4.23 लाख लोग इससे प्रभावित भी हैं। पूर्वोत्तर रेलवे के सूत्रों ने बताया कि बाढ़ के पानी की वजह से रेलवे अधिकारियों को लुमंडिग-बदरपुर पर्वतीय खंड में ट्रेन सेवाएं नियंत्रित करनी पड़ीं। गोलाघाट प्रशासन ने उद्यान के आस-पास सीआरपीसी की धारा 144 लगा दी है क्योंकि बाढ़ की वजह से पशु यहां से निकलकर अपनी सुरक्षा में ऊंचाई वाले स्थान की तलाश में राष्ट्रीय राजमार्ग को पार कर कार्बी आंगलोंग पर्वतीय क्षेत्र की ओर जा रहे हैं।

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असम के करीब 800 गांव जलमग्नः राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार प्रभावित जिलों में धेमाजी, लखीमपुर, बिस्वनाथ, नलबाड़ी, चिरांग, गोलाघाट, माजुली, जोरहाट जैसे अन्य जिले शामिल हैं। एएसडीएमए ने बताया कि 41 राजस्व र्सिकल में करीब 800 गांव जलमग्न हैं और करीब 2,000 प्रभावित लोग 53 राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं तथा जिला प्रशासन ने उनके लिए राहत वितरण केंद्र भी स्थापित किए हैं। काजीरंगा संभागीय वन अधिकारी रुहिनी सैकिया ने बताया कि बाढ़ से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान भी प्रभावित हुआ है, जिसके कारण अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर गुजरने वाहनों की आवाजाही सीमित करने के लिए सड़क पर अवरोधक स्थापित किए हैं।

रुक-रुक कर बारिश होगी बंदः उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में पिछले कई दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश का सिलसिला जल्द ही थम सकता है। दक्षिण-पश्चिमी मानसून प्रदेश के पूर्वी भागों में सक्रिय जबकि पश्चिमी हिस्सों में सामान्य है। पूर्वानुमान के मुताबिक पिछले करीब एक सप्ताह से प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर रुक-रुक कर हो रही बारिश में अब कमी आने की सम्भावना है। इससे उमस बढ़ने के प्रबल आसार हैं। कालपी (जालौन) और नैनी (प्रयागराज) में यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। सीतापुर और सुल्तानपुर में गोमती नदी उफान पर है जबकि शारदा नदी पलियांकलां (लखीमपुर) में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और शारदा नगर में जलस्तर में इजाफा हुआ है। बारिश ने पंजाब और हरियाणा के बड़े हिस्सों को भी प्रभावित किया, जिससे अधिकांश जगहों पर अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे आ गया। चंडीगढ़ में लगातार दूसरे दिन सुबह भारी बारिश हुई।

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अब तक 14 लोगों की मौतः उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त कार्यालय ने कहा कि तीन जुलाई से 11 जुलाई तक बारिश से जुड़ी घटनाओँ जिनमें बिजली गिरने, घर ढहने और दीवार गिरना शामिल है, में 14 लोगों की मौत हो गई है। इनमें तीन लोगों की मौत फतेहपुर में, महोबा, पीलीभीत, कानपुर देहात, सोनभद्र, हरदोई, कुशीनगर, प्रतापगढ़, सीतापुर, कन्नौज, बाराबंकी और जौनपुर में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) की गुरुवार की रिपोर्ट के अनुसार, कानपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, गाजीपुर और बलिया में गंगा नदी में पानी बढ़ रहा है, जबकि रामगंगा नदी कालागढ़ (बिजनौर) और बरेली में उफान पर है।

पूर्वोत्तर भी बारिश की बूरी चपेट मेंः पूर्वोत्तर में, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में बारिश से संबंधित घटनाओं में दो-दो लोगों ने अपनी जान गंवाई। पश्चिम बंगाल में सेतीझोरा और कालीझोरा के बीच लगभग पांच स्थानों पर पहाड़ियों का एक बड़ा हिस्सा ढह गया है और राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है। सिक्किम में रांगपो और 32 नम्बर राजमार्ग पर भी भूस्खलन हुआ है और वहां युद्धस्तर पर मरम्मत और जीर्णोद्धार का काम चल रहा है, लेकिन भारी और लगातार बारिश से बाधा उत्पन्न हो रही है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने उत्तर बंगाल में सामान्य जीवन को खतरे में डाल दिया है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो रही है और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन हो रहा है। न्यूजलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार में पैसेंजर ट्रेन सेवा रोक दी गई है। नार्थ फ्रंटियर रेलवे अधिकारी ने यह जानकारी दी।

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