Delhi Uttam Nagar News: उत्तम नगर के हस्तसाल गांव में स्थित जेजे कॉलोनी के ब्लॉक ए में 4 मार्च को शांतिपूर्ण होली मनाई गई थी। शाम को 26 साल के तरुण कुमार अपने दोस्तों से मिलने घर से निकले। यही आखिरी बार था जब उन्होंने अपने परिवार को देखा था। कुछ घंटों बाद, जब वह अपने घर के पास बाइक पार्क कर रहे थे, तो उन पर रॉड , हॉकी स्टिक, क्रिकेट बैट और पत्थर से हमला किया गया और उन्हें सड़क पर मरने के लिए छोड़ दिया गया।
यह सब रात करीब 10.30 बजे शुरू हुआ, जब तरुण की 11 साल की चचेरी बहन जिस पानी के गुब्बारे से खेल रही थी, वह गलती से उसके हाथ से फिसल गया और उसके घर की तीसरी मंजिल से नीचे जमीन पर गिर गया। पड़ोस में रहने वाली एक महिला पर पानी के छींटे पड़े, जिससे तरुण और उस महिला के परिवार के बीच विवाद शुरू हो गया, क्योंकि दोनों परिवार अलग-अलग समुदायों से संबंध रखते हैं।
देखते ही देखते बहस हाथापाई में बदल गई, क्योंकि दोनों पक्षों के परिवार के सदस्य इकट्ठा हो गए और एक-दूसरे को धक्का देने लगे। पुलिस के अनुसार, दोनों परिवारों के सदस्यों ने एक-दूसरे पर हमला किया, जिससे दोनों पक्षों को चोटें आईं। तरुण के चाचा रमेश बुटोलिया ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “हमने महिला और उसके परिवार से माफी मांगी, लेकिन वे हमें गालियां देते रहे। उन्होंने हमारे खिलाफ जातिवादी गालियां भी दीं।”
घर के अंदर छिप गए थे तरुण के मम्मी-पापा
तरुण के पिता मेमराज ने बताया कि हमले से बचने के लिए वे और उनकी पत्नी घर के अंदर छिप गए थे। उन्होंने कहा, “जब हम घर के अंदर थे, हमलावर बाहर खड़े होकर हमें गालियां देते रहे। उनके हाथों में रॉड थीं। यह सिलसिला कम से कम 10-15 मिनट तक चलता रहा। रात करीब 11 बजे मेरा बेटा घर लौटा। घर में घुसने से पहले जब वह हमारी गली के बाहर अपनी बाइक पार्क कर रहा था, तभी उस पर रॉड और ईंटों से हमला किया गया।” मेमराज ने कहा, “जब वे उसे पीट रहे थे, तो उन्होंने हमें बाहर से बंद कर दिया। हमें पता ही नहीं चला कि उसे पीटा जा रहा है। वे बहुत सारे लोग थे। जिस घर के पास उन्होंने तरुण पर हमला किया था, उसकी दीवार पर अभी भी तरुण का खून दिखाई दे रहा है।”
द्वारका के डीसीपी कुशल पाल सिंह ने बताया कि 4 मार्च को दोनों पक्षों के परिवार के सदस्यों के बीच सड़क पर हाथापाई हुई। उन्होंने कहा, “एक पक्ष के तीन और दूसरे पक्ष के पांच लोग घायल हो गए, जिनमें तरुण भी शामिल था, जिस पर बाद में हमला हुआ। तरुण को छोड़कर बाकी सभी को उसी दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।” तरुण को अगले दिन मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि मामले में दर्ज एफआईआर में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं जोड़ी गई हैं। डीसीपी ने कहा, “खबरों के मुताबिक, दोनों परिवार पिछले पांच दशकों से एक-दूसरे को जानते थे और पार्किंग और कचरा निपटान जैसे मामूली मुद्दों पर झगड़ते रहते थे।”
पुलिस ने छह लोगों को किया गिरफ्तार
तरुण के परिवार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर, छह व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इसमें उमरदीन (49), जुम्मदीन (36), कमरुद्दीन (36), मुस्तैक (46), मुजफ्फर (25) और ताहिर शामिल है। वहीं एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने बताया कि उमरदीन और उसके रिश्तेदार, जो सभी ब्लॉक ए में रहते हैं, रंगाई के व्यवसाय में शामिल हैं।
5 मार्च को, जैसे ही तरुण की मौत की खबर फैली, उमरदीन का परिवार और अन्य आरोपी दोपहर तक अपने घरों में ताला लगाकर भाग गए। अगले दिन, आरोपियों में से एक के घर के बाहर खड़ी एक कार को भीड़ ने आग लगा दी। शाम को, एक समूह उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन के पास इकट्ठा हुआ और आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग करते हुए सड़क जाम कर दी। पुलिस ने मामूली बल प्रयोग करके उन्हें तितर-बितर कर दिया।
घर के बाहर खड़ी एक कार में लगाई आग
उमरदीन के परिवार के एक सदस्य ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि शुक्रवार देर रात उनके बंद घरों के बाहर खड़ी एक कार और दो दोपहिया वाहनों में तोड़फोड़ की गई। बाद में अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और इलाके को घेर लिया गया। डीसीपी ने कहा, “हमने आगे किसी भी घटना को रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम कर लिए हैं। हमने इलाके को तीन भागों में बांटा है। जोन की निगरानी डीसीपी रैंक के अधिकारी कर रहे हैं, सेक्टर की निगरानी एसीपी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं और उप-सेक्टरों का प्रबंधन इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर कर रहे हैं।”
शनिवार को इलाके में तनाव का माहौल बना रहा, अर्धसैनिक बलों की दो कंपनियों और स्थानीय पुलिस की भारी तैनाती रही। पुलिस ने ब्लॉक ए की ओर जाने वाली सभी गलियों पर बैरिकेड लगा दिए थे। सुबह पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने इलाके में फ्लैग मार्च निकाला, जबकि ब्लॉक ए, बी और सी की कई दुकानें बंद रहीं।
4 मार्च को क्या हुआ था?
रात 10:30 बजे: एक इमारत की तीसरी मंजिल से एक गुब्बारा जमीन पर फेंका गया; एक महिला पर रंग पड़ गए। इलाके में रहने वाले दो परिवारों के बीच कहासुनी हो गई।
रात 10.40 बजे: कहासुनी हाथापाई में बदल गई, जिसमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल थे। यह कुछ मिनट तक चली, जिसके बाद दोनों समूहों के लोग अपने-अपने घरों को लौट गए।
रात 11 बजे: तरुण, जो दोपहिया वाहन से घर लौट रहा था, पर उसके घर के बाहर हमला किया गया।
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उत्तम नगर में तरुण नाम के युवक की हत्या से लोगों में आक्रोश है। शुक्रवार को आक्रोशित लोगों ने आरोपियों के घर के बाहर खड़ी एक कार और मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…
