दिल्ली की अनधिकृत कालोनियों में रहने वाले लोगों के मालिकाना हक, सीमांकन और पुनर्वास से जुड़े कामों के लिए जिम्मेदारी दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को सौंपी गई है। केंद्रीय आवासन और शहरी मामलों के मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (अनधिकृत कालोनियों में रहने वालों की संपत्ति अधिकार की पहचान) रेगुलेशन, 2019 के तहत यह कार्य डीडीए को सौंपा हुआ है। डीडीए की सीमांकन समिति यानी बाउंड्री कमेटी की कार्यशैली पर दिल्ली सरकार ने सवाल उठाए हैं। शहरी विकास विभाग की बैठक में यह भी सामने आया कि दिल्ली हाई कोर्ट के 9 मई 2024 के आदेश के अनुपालन में डीडीए गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
दिल्ली सरकार ने डीडीए से रिपोर्ट तलब की
इस आदेश को लागू करने के लिए 11 जून 2024 को विभाग की ओर से डीडीए को पत्र जारी किया गया था, लेकिन डीडीए ने इसमें खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। आदेश अनुपालन में देरी के कारण याचिकाकर्ता ने अदालत में अवमानना का मामला भी दर्ज कराया। दिल्ली सरकार ने मामले में और अधिक गंभीरता दिखाते हुए 21 और 29 जनवरी 2026 को डीडीए से स्थिति रपट जमा करने का आग्रह किया। इसके बावजूद डीडीए की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
6 फरवरी 2026 को शहरी विकास विभाग के अधिकारियों ने डीडीए कार्यालय का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की और संबंधित निदेशक व उपनिदेशक से चर्चा की। डीडीए ने स्वीकार किया कि मामला अनधिकृत कालोनी वजीरपुर विस्तारित गांव, पंजीकरण संख्या 346 के पूर्ण स्थानांतरण और पुनर्वास से जुड़ा है।
अधिकारियों ने बाउंड्री कमेटी के गठन और उसकी गतिविधियों की पुष्टि की। अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शहरी विकास सचिव विजय कुमार बिधूड़ी ने डीडीए को निर्देश दिए हैं कि या तो पुरानी बाउंड्री कमेटी को सक्रिय करें या अदालत के निर्देशों के अनुरूप इसे पुनर्गठित करें। बाउंड्री कमेटी की बैठक बुलाने और राजस्व विभाग, भारतीय सर्वेक्षण और जीएसडीएल के अधिकारियों को कार्रवाई करने के लिए निर्देश भी दिए गए हैं।
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दिल्ली की अनधिकृत कालोनियों में विकास कार्यों के लिए सरकारी विभाग अब तक मंजूर राशि का आधा भी खर्च नहीं कर पाए हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग को कुल 381.62 करोड़ रुपए मंजूर किए गए थे लेकिन सितंबर तक केवल 148.14 करोड़ रुपए ही खर्च किए जा सके। पिछले वित्तीय वर्ष में डीएसआइआइडीसी को आबंटित 452.62 करोड़ रुपए का एक भी पैसा खर्च नहीं हो पाया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक
