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यहां लोगों को सता रहा पानी लूटे जाने का डर, ड्रमों पर लगाकर रख रहे ताले

लोगों का कहना है कि इलाके में पानी की भयंकर किल्लत है। पिछले कुछ दिनों में यहां कुछ जगहों से ऐसी शिकायतें आई हैं कि रात के वक्त पानी चोरी कर ली गई है। इसी डर की वजह से यह लोग घरों में पानी के ड्रमों को ताले से लॉक कर रहे हैं।

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में लोग पानी के ड्रमों ताला लगाकर रख रहे हैं।

राजस्थान में लोगों को पानी की लूट का डर सता रहे हैं। यहां के पारसरामपुरा गांव में लोग ड्रम में रखे पानी को ताले लगाकर रख रहे हैं। लोगों का कहना है कि इलाके में पानी की भयंकर किल्लत है। पिछले कुछ दिनों में यहां कुछ जगहों से ऐसी शिकायतें आई हैं कि रात के वक्त पानी चोरी कर ली गई है। इसी डर की वजह से यह लोग घरों में पानी के ड्रमों को ताले से लॉक कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक भीलवाड़ा जिले के गुलाबपुरा उपखंड के आगुचा ग्राम पंचायत के परसरामपुरा गांव में 7 से 8 दिन के अंतराल में भारतीय जिंक लिमिटेड द्वारा पेयजल का टैंकर गांव में भेजा जाता है। ये एक टैंकर गांव में प्रत्येक घर के बाहर प्लास्टिक के रखे हुए ड्रमों में पानी भरता है। गर्मी की मार झेल रहे लोगों के लिए ये पानी 8 दिन के लिए पर्याप्त नहीं हो पाता है।

जिसकी वजह से यहां इन दिनों पानी की चोरी भी बढ़ती जा रही है। यहां लोगों का कहना है कि इस तपिश में गांव में पानी की इतनी किल्लत है कि इंसान तथा पशु दोनों के लिए पानी कम पड़ रहा है। पानी के लिए परेशान लोग यहां किसी तरह जिदंगी गुजारने पर मजबूर हैं। गांव के किनारे पर स्थित वेदांता समूह की हिंदुस्तान जिंक के द्वारा इस गांव में पिछले तीन सालों से पानी के टैंकर पहुंचाए जा रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक इस भीषण गर्मी में गांव में हर दिन 5 टैंकरों की मांग है, लेकिन आपूर्ति सिर्फ 3 टैंकरों की हो पा रही है। मांग के अनुपात में पानी की आपूर्ति कम होने से यहां लोग काफी परेशान हैं।

भीलवाड़ा के ही आंगूचा कस्बे से भी एक ऐसी खबर अभी कुछ ही दिनों पहले आई थी। आंगूचा को आर्थिक दृष्टि से सक्षम ग्रम पंचायत माना जाता है, लेकिन यहां के लगभग 10,000 लोग भीषण जल संकट से जूझ रहे हैं। यहां से भी खबर आई थी कि लोग पानी चोरी होने के डर से पानी को ताला लगाकर रखा जाता है। इस कस्बे में पानी की आपूर्ति के लिए बना कुंआ पूरी तरह से सूख चुका है।

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