Watch How Congress Agents obstructed BJP Leaders Varun Patel and Reshma Patel Press Conference - अनामत आंदोलन से BJP में शामिल हुए वरुण और रेश्मा पटेल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'कांग्रेस एजेंट' बने रोड़ा, देखिए यूं काटा हंगामा - Jansatta
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VIDEO: भाजपा में शामिल हुए वरुण और रेश्मा पटेल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘कांग्रेस एजेंट’ बने रोड़ा, देखिए यूं काटा हंगामा

दोनों युवा नेता बीते शनिवार को पाटीदार आंदोलन से अलग हुए हैं। वे पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के करीबी माने जाते थे।

भाजपा नेता रेश्मा का कहना है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच में कांग्रेस के कुछ एजेंट्स आ गए थे। वे ‘जय सरदार’ के नारे लगा रहे थे।

गुजरात चुनाव के मद्देनजर कई नेताओं ने पाला बदला है। वरुण पटेल और रेश्मा पटेल के नाम भी उन्हीं में से हैं। दोनों पाटीदार आंदोलन से अलग होकर भाजपा में शामिल हुए हैं। हाल में वे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे, जहां उन्हें कुछ युवकों का विरोध झेलना पड़ा। रेश्मा ने उन्हें कांग्रेसी एजेंट बताया है, जो कॉन्फ्रेंस में हंगामा काटने लगे थे। घटनास्थल पर मौजूद कुछ लोगों ने इस दौरान वीडियो बना लिया। बाद में इस घटना को कुछ टीवी चैनलों ने भी दिखाया। वीडियो के मुताबिक, प्रेस कॉन्फ्रेंस हो ही रही थी। वरुण पटेल और रेश्मा पटेल दोनों उसमें अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बैठे होते हैं। लेकिन बीच में ही कुछ युवक वहां पहुंचते हैं। वे कॉन्फ्रेंस को खत्म करने और मीडिया को कैमरे बंद करने के लिए कहते हैं। वे बंद करो-बंद करो चिल्ला रहे होते हैं। पहले तो वरुण और रेश्मा वहीं बैठे रहते हैं और पार्टी के समर्थन में नारे लगाते हैं। लेकिन जब वे स्थिति को काबू से बाहर जाते देखते हैं, तो वहां से उठने में ही भलाई समझते हैं।

रेश्मा ने इस बाबत कहा कि वह शांति से बात कर रही थीं। बीच में पांच-छह कांग्रेस एजेंट आए और ‘जय सरदार’ के नारे लगाने लगे। वे कह रहे थे कि पूरे गुजरात में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मगर वे उनसे नहीं डरने वाले हैं। उनका आरोप है कि कांग्रेस आंदोलनकारियों को खरीदती है। वही उन्हें विरोध प्रदर्शन के लिए भेजती है। वे हिंसा करते हैं और गुजरातवासियों को डराते हैं। राज्य के लिए भाजपा ने जो कुछ किया है, उसे उन्हें लॉलीपॉप कहने का कोई अधिकार नहीं है।

दोनों ही युवा नेता पाटीदार आंदोलन की अलख जगाने वाले हार्दिक पटेल के करीबी माने जाते थे। बीते शनिवार को अहमदाबाद में दोनों ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की थी। वे भाजपा दफ्तर में आयोजित एक बैठक में भी पहुंचे थे, जिसके बाद वे पार्टी में शामिल हुए थे। दोनों हार्दिक से नाराजगी के चलते पाटीदार आंदोलन से अलग हुए हैं। कमल का साथ थामने के बाद वरुण ने हार्दिक पटेल को गद्दार बताया था।

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