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व्यापम घोटालाः दिग्विजय ने शिवराज सिंह चौहान पर आरोप लगाया, मामला दर्ज हो

मध्यप्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों ने गुरुवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह व अन्य पर व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) घोटाला मामले में कूटरचित दस्तावेज पेश कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की छवि 'मलिन' करने का आरोप लगाया और उन पर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की।
Author भोपाल | May 4, 2017 23:24 pm
मध्यप्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों ने गुरुवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह व अन्य पर व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) घोटाला मामले में कूटरचित दस्तावेज पेश कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की छवि ‘मलिन’ करने का आरोप लगाया और उन पर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की।

मध्यप्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों ने गुरुवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह व अन्य पर व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) घोटाला मामले में कूटरचित दस्तावेज पेश कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की छवि ‘मलिन’ करने का आरोप लगाया और उन पर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की। तीन मंत्रियों ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के पुलिस उप महानिरीक्षक (व्यापम प्रकरण) को ज्ञापन सौंपा है। सरकार के मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह और विश्वास सारंग द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि दिग्विजय सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में आरोप लगाया था कि शिवराज सिंह चौहान के कहने पर मध्यप्रदेश पुलिस विशेष कार्य बल (एसटीएफ ) ने व्यापम के आरोपी नितिन मोहिंद्रा के कंप्यूटर की हार्ड डिस्क में छेड़छाड़ की थी और एक्सलशीट से चौहान का नाम हटा दिया गया। उनके नाम की जगह दूसरा नाम दर्ज कर दिया गया। लिहाजा, मुख्यमंत्री चौहान की इसमें संलिप्तता है, इसलिए उन्हें आरोपी बनाया जाए।

ज्ञापन में कहा गया है कि बाद में दिग्विजय सिंह ने एसआईटी में शपथपत्र पेश किया और पेन ड्राइव पेश करते हुए फिर चौहान के विरुद्ध आरोप दोहराया और आरोपी बनाने की मांग की, लेकिन विशेष जांच दल (एसआईटी) को दी गई पेन ड्राइव की जांच करने पर एसटीएफ ने फर्जी पाया। यह भी रिजल्ट आया कि नितिन मोहिंद्रा के कंप्यूटर की हार्ड डिस्क में कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है। प्रशांत पांडे द्वारा प्रस्तुत की गई पेन ड्राइव भी फर्जी पाई गई। जबलपुर उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में इसकी पुष्टि की है।

तीन मंत्रियों ने सीबीआई को ज्ञापन देकर कूटरचित साक्ष्य पेश करने, अकारण मुख्यमंत्री चौहान की छवि को मलिन करने के प्रयास किए जाने पर दिग्विजय सिंह, प्रशांत पांडे और डॉ. आनंद राय के विरुद्ध भादवि की धारा 120बी, धारा 182, धारा 192, धारा 195, धारा 211, धारा 465, धारा 468, 469, 471, 472 ओर धारा 474 भारतीय दंड विधान संहिता के अंतर्गत प्रमाण दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई।

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