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व्यापमं घोटाले में स्कोरर समेत दो को सजा, अदालत ने सुनाया पहला फैसला

मध्य प्रदेश के व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) की आयोजित प्रवेश परीक्षा में फर्जीवाड़े के जुर्म में जिला अदालत ने शनिवार को राजस्थान के एक स्कोरर समेत दो लोगों को तीन-तीन साल के सश्रम कारावास और 500-500 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई..

Author इंदौर | December 27, 2015 2:31 AM

मध्य प्रदेश के व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) की आयोजित प्रवेश परीक्षा में फर्जीवाड़े के जुर्म में जिला अदालत ने शनिवार को राजस्थान के एक स्कोरर समेत दो लोगों को तीन-तीन साल के सश्रम कारावास और 500-500 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। यह व्यापमं घोटाले में जिला अदालत का सुनाया पहला फैसला है।

विशेष अपर सत्र न्यायाधीश डीके मित्तल ने मामले में राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी अक्षत सिंह राजावत (25) और मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के रहने वाले प्रकाश बारिया (28) को भारतीय दंड विधान की धारा 420 (धोखाधड़ी), धारा 468 (छल की नीयत से जाली दस्तावेज बनाना) और मध्य प्रदेश मान्यताप्राप्त परीक्षा अधिनियम के तहत दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। अतिरिक्त लोक अभियोजक प्रभुलाल मालवीय ने पत्रकारों को बताया कि दोनों पर जुर्म साबित करने के लिए अदालत के सामने 11 गवाह पेश किए गए थे।

उन्होंने बताया कि पशुपालन के डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए व्यापमं ने प्रदेश भर में 19 मई 2013 को परीक्षा आयोजित की थी। इस सिलसिले में इंदौर के एक सरकारी स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र में बारिया ने अपनी जगह राजावत को बतौर उम्मीदवार बैठाया था।

मालवीय ने बताया कि प्रवेश परीक्षा के दौरान पर्यवेक्षक ने जब अपने पास मौजूद रिकॉर्ड के आधार पर देखा कि प्रवेशपत्र पर बारिया की जगह किसी दूसरे व्यक्ति की तस्वीर लगी है, तो उसे शक हुआ। जब राजावत से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने कबूल किया कि वह बारिया की जगह फर्जी तौर पर प्रवेश परीक्षा में शामिल हो रहा था। उन्होंने बताया कि इस फर्जीवाडेÞ के खुलासे के बाद बारिया और सिंह के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया गया था।

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