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सम-विषम के लिए गांधीगीरी, गुलाब का फूल नहीं यह हमारा निवेदन है

नागरिकों को सम-विषम की राह पर लाने के लिए शहर के 200 स्थानों पर शुक्रवार को गांधीगीरी दिखाई दी। राजधानी में प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए शुक्रवार से 15 दिन के लिए लागू सम-विषम नियमों का उल्लंघन करने वालों को राष्ट्रीय नागरिक रक्षा स्वयंसेवक गुलाब के फूल भेंट कर रहे थे..

Author नई दिल्ली | January 2, 2016 1:27 AM
दिल्ली में रात के वक्त में ट्रैफिक का नजारा

नागरिकों को सम-विषम की राह पर लाने के लिए शहर के 200 स्थानों पर शुक्रवार को गांधीगीरी दिखाई दी। राजधानी में प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए शुक्रवार से 15 दिन के लिए लागू सम-विषम नियमों का उल्लंघन करने वालों को राष्ट्रीय नागरिक रक्षा स्वयंसेवक गुलाब के फूल भेंट कर रहे थे। दिल्ली सरकार ने तकरीबन 10 हजार स्वयंसेवकों को राष्ट्रीय राजधानी में गुलाब के फूल देकर उतारा था, जो गुलाब का फूल देकर सम-विषम नियमों का उल्लंघन करने वालों को नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तकरीबन 200 स्वयंसेवकों को यातायात पुलिस और उप संभागीय मजिस्ट्रेटों के साथ राष्ट्रीय राजधानी के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की बड़ी रेड लाइटों पर तैनात किया गया है। अधिकारी ने कहा कि दिल्ली में नौ जिले हैं और प्रत्येक जिले के प्रशासन की ओर से स्वयंसेवकों को देने के लिए फूलों का इंतजाम किया गया। स्वयंसेवक सम-विषम नियमों का उल्लंघन करने वालों को गुलाब देकर उनसे अपने वाहनों को वापस ले जाने का निवेदन कर रहे थे।

अधिकारी ने बताया कि नियम का उल्लंघन करने वाले ज्यादातर लोगों ने नियम का उल्लंघन करने के बाद खेद प्रकट किया। नागरिक रक्षा स्वयंसेवक चौराहों और लाल बत्तियों पर खड़े होकर सम-विषम योजना के महत्त्व के साथ ही बच्चों पर प्रदूषण के प्रभाव को समझाने का प्रयास कर रहे थे। स्वयंसेवक लोगों को जागरूक करते हुए बता रहे थे कि बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए देश में पहली बार सम-विषम योजना लागू की गई है। इस नीति के चलते नए साल के पहले दिन शुक्रवार को सड़कों पर कारों की संख्या में कमी देखने को मिली।

सुबह आठ बजे निजी वाहनों की आवाजाही को सीमित करने की नीति लागू होने के साथ ही हजारों स्वयंसेवक गुलाब के फूल लेकर पायलट परियोजना को लागू करने में यातायात पुलिस की सहायता के लिए सड़कों पर उतर आए। कार पूलिंग के प्रयोग के प्रति लोगों की प्रतिक्रिया से अभिभूत मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आप सरकार की यह पायलट पहल एक आंदोलन में बदल गई है।

उधर दिल्ली में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भी लोगों को सम-विषम नियमों के बारे में जागरूक बनाने के लिए बढ़-चढ़कर भाग लिया और उनसे दबाव के बजाय स्वेच्छा से इस फार्मूले को अपनाने की अपील की। सातवीं कक्षा के विद्यार्थी रूद्र गुप्ता ने कहा, अगर सरकार ने कोई नियम बनाया है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए ही है तो मैं मानता हूं कि हमें इस निर्देश का सम्मान करना चाहिए और इसका पालन करना चाहिए।

छठी कक्षा में पढ़ने वाली मिताली ने कहा, हम लोगों से जुर्माने के डर से इस नियम को अपनाने की अपील नहीं करते हैं बल्कि उन्हें स्वेच्छा से ऐसा करना चाहिए। अगर कुछ लोग आगे बढ़ेंगे तो कई लोग उनका अनुसरण करेंगे। विद्यार्थी मास्क लगाकर और हाथों में पोस्टर लेकर कई चौराहों पर गए। उन्होंने लोगों से अन्य यातायात नियमों की भांति सम-विषम योजना का भी पालन करने की अपील की।

निशा त्यागी ने कहा, हम संदेश देना चाहते हैं कि सड़कों पर कार नहीं चलाने वाले विद्यार्थियों को जब उसके लाभों को लेकर सरोकार है तो बड़े लोगों को इस तथ्य को ध्यान में रखना चाहिए कि प्रदूषित हवा हम सभी के लिए घातक है।

शिक्षा निदेशालय ने अपने विद्यालयों को सम-विषम योजना पर जागरूकता अभियान में कम से कम 30 विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। विभाग इस योजना के मद्दे-नजर पहले ही पहली जनवरी से 15 जनवरी तक विद्यालयों को बंद करने का निर्देश दे चुका है ताकि स्कूल बसें डीटीसी बेड़े में शामिल की जा सकें।

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