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Gujarat Assembly Election 2022: बीजेपी नेता हार्दिक पटेल के लिए आसान नहीं गुजरात की Viramgam सीट, दो बार से कांग्रेस का कब्जा, ये है जातीय समीकरण

Gujarat Assembly Election 2022 : गुजरात चुनाव में भाजपा ने हार्दिक पटेल को वीरमगाम (Viramgam) विधानसभा से उम्मीदवार बनाया है। लेकिन यह सीट जीतना उनके लिए बहुत आसान नजर नहीं आ रहा है।

Gujarat Assembly Election 2022: बीजेपी नेता हार्दिक पटेल के लिए आसान नहीं गुजरात की Viramgam सीट, दो बार से कांग्रेस का कब्जा, ये है जातीय समीकरण
चुनाव प्रचार के दौरान हार्दिक पटेल (फोटो : Twitter)

Gujarat Assembly Election 2022 : गुजरात में सत्तारूढ़ भाजपा ने युवा पाटीदार नेता हार्दिक पटेल (Hardik Patel) को कांग्रेस (Congress) से वीरमगाम (Viramgam) सीट छीनने की उम्मीद में मैदान में उतारा है। प्रदेश में लगातार भाजपा की सरकार होने के बावजूद इस सीट पर पिछले दो बार से कांग्रेस का कब्जा है। इस सीट को जाति की राजनीति से मुक्त माना जाता है और हर समुदाय और जाति के नेता यहां का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं हार्दिक पटेल

अहमदाबाद के वीरमगाम तालुका के चंद्रनगर गांव के मूल निवासी 29 वर्षीय हार्दिक पटेल के लिए जो वीरमगाम शहर में पैदा हुए और पले-बढ़े यह पहला विधानसभा चुनाव है। वह कांग्रेस के मौजूदा विधायक लाखभाई भारवाड़ से भिड़ेंगे जिन्होंने 2017 में भारतीय जनता पार्टी की तेजश्री पटेल को 6,500 से अधिक मतों के अंतर से हराया था।

दो बार से Viramgam सीट पर कांग्रेस का कब्जा

वीरमगाम विधानसभा क्षेत्र जिसमें अहमदाबाद के वीरमगाम मंडल और डेट्रोज तालुका शामिल हैं। पिछले 10 वर्षों से कांग्रेस के कब्जे में है। दिलचस्प बात यह है कि 2012 के विधानसभा चुनावों में तेजश्री पटेल ने कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था और भाजपा के प्रागजी पटेल को 16,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया था।

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तेजश्री पटेल कांग्रेस विधायक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों जगह सत्तारूढ़ भाजपा की घोर आलोचक के रूप में अपनी छाप छोड़ी। हालांकि सभी को आश्चर्य हुआ जब उन्होंने 2017 में भाजपा के टिकट पर पाला बदला और चुनाव लड़ा तो मतदाताओं ने उन्हें खारिज कर दिया और कांग्रेस के लाखाभाई भारवाड़ को चुना जो अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से थे। मतदाताओं को लगता है कि भारवाड़ अब सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रहे हैं वहीं कुछ अन्य का कहना है कि वह एक विधायक के रूप में सक्रिय रहे हैं और स्थानीय मुद्दों को सुलझाने के लिए कड़ी मेहनत की है और इसलिए उन्हें हराना हार्दिक के लिए आसान नहीं होगा।

क्या है जातीय समीकरण

वीरमगाम में लगभग 3 लाख मतदाता हैं जिनमें 65,000 ठाकोर (ओबीसी) 50,000 पाटीदार या पटेल मतदाता लगभग 35,000 दलित 20,000 भरवाड़ और रबारी समुदाय के मतदाता हैं। वहीं 20,000 मुस्लिम 18,000 कोली और 10,000 कराडिया (ओबीसी) राजपूत शामिल हैं।हालांकि इस सीट पर अब तक विभिन्न जातियों के विधायक रहे हैं जिनमें 1980 में तेजश्री पटेल (पाटीदार) दाउदभाई पटेल (मुस्लिम) 2007 में कामभाई राठौड़ (करदिया राजपूत) और लाखभाई भरवाड़ (ओबीसी) शामिल हैं।

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First published on: 21-11-2022 at 10:31:07 am
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