Violent clashes in Delhi's Ramjas College - Jansatta
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रामजस कॉलेज विवाद: आइसा ने दिखाए कड़े तेवर

दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। आइसा दिल्ली पुलिस की गुरुवार की कार्रवाई से असंतुष्ट है।

Author नई दिल्ली | February 25, 2017 12:52 AM
दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है।

दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। आइसा दिल्ली पुलिस की गुरुवार की कार्रवाई से असंतुष्ट है। हालांकि कैंपस में फैली हिंसा से गैर-पेशेवर तरीके से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने हेड कांस्टेबल रघुनाथ, कांस्टेबल सचिन और प्रथम बटालियन से हेड कांस्टेबल अशोक त्यागी को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा एबीवीपी और आइसा के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़पों की जांच का जिम्मा अपराध शाखा को सौंप दिया गया है। इस बीच खालसा कॉलेज ने शुक्रवार को अपने यहां होने वाले नुक्कड़ नाटक को भी रद्द कर दिया।  आइसा की कैंपस अध्यक्ष कंवलजीत कौर ने कहा कि दिल्ली पुलिस दबाव में है। उसने हमारी आंखों में धूल झोंका है। वह अफसरों को बचा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस के उच्च अधिकारियों ने एबीवीपी के लोगों को हिंसा फैलाने से रोकने के लिए कुछ नहीं किया। उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई। आइसा केवल सिपाहियों को बलि का बकरा बनाए जाने के खिलाफ है। पूरी हिंसा में पुलिस की निष्क्रियता साफ पता चलती है। वास्तव में यह एबीवीपी की ओर से पूर्व नियोजित हमला था। इसके लिए बाहर से लोगों को लाया गया था। हमारी मांग है कि पुलिस ऐसे सभी छात्रों को सुरक्षा प्रदान करे। उन्होंने कहा कि यह एबीवीपी के साथ सिस्टम के घालमेल व मिलीभगत को भी दर्शाता है।

आइसा ने कहा कि हमारी मांग है कि पुलिस आयुक्त हिंसा में शामिल उच्च अधिकारियों को निलंबित करें क्योंकि कई पुलिस अफसरों ने मौके पर मौजूद होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की। आइसा सचिव (डीयू) अमन नवाज ने कहा कि वीडियो फुटेज व लिखित शिकायतों के बावजूद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं की। अभी तक एक भी एबीवीपी कार्यकर्ता की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कैंपस में डर का माहौल है, जो केवल कक्षाओं के निलंबन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कॉलेज के कार्यक्रमों को भी रद्द किया जा रहा है।
इस बीच रामजस कॉलेज हिंसा मामले के बाद एसजीटीबी खालसा कॉलेज ने अपने यहां होने वाली नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता का आयोजन तब तक के लिए स्थगित कर दिया है, जब तक डीयू के उत्तरी परिसर में सामान्य स्थिति बहाल नहीं हो जाती। कॉलेज की ओर से यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) ने कॉलेज के प्राचार्य से कहा था कि अगर नाटक में राष्ट्र विरोधी सामग्री होती है तो इस आयोजन की सुरक्षा की गारंटी नहीं ली जा सकती।

प्राचार्य जसविंदर सिंह ने कहा कि कॉलेज ने इस आयोजन को फिलहाल स्थगित कर दिया है। उन्होंने कहा कि अभी कैंपस का माहौल इस आयोजन के लिए सही नहीं है। इसलिए इसे सभी पक्षकारों के साथ चर्चा के बाद स्थगित करने का फैसला किया गया है। इस बाबत एबीवीपी नेता व डूसू अध्यक्ष अमित तंवर ने कहा कि प्रतियोगिता में किसी भी पटकथा के मंचन की अनुमति देने से पहले उसे पढ़ा जाना चाहिए। डूसू किसी भी आपत्तिजनक और राष्ट्र विरोधी सामग्री के खिलाफ है। सनद रहे कि रामजस कॉलेज में बुधवार को आइसा और एबीवीपी के समर्थकों के बीच हिंसा व झड़प के बाद से डीयू के उत्तरी परिसर में तनाव का माहौल है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस मुद्दे पर विश्वविद्यालय से रिपोर्ट भी मांगी है।

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