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दार्जिलिंग की पहाड़ियों में हिंसा जारी, सेना ने सड़कों पर गश्त किया

दार्जिलिंग की पहाड़ियों में अनिश्चितकालीन हड़ताल के दूसरे दिन हिंसा और आगजनी की घटनाएं हुईं जहां सेना और अर्द्धसैनिक बलों ने शांति कायम करने के लिए सड़कों पर गश्त की।

Author अनंतनांग | June 16, 2017 11:46 PM
दार्जिलिंग की पहाड़ियों में अनिश्चितकालीन हड़ताल के दूसरे दिन हिंसा और आगजनी की घटनाएं हुईं जहां सेना और अर्द्धसैनिक बलों ने शांति कायम करने के लिए सड़कों पर गश्त की।

दार्जिलिंग की पहाड़ियों में अनिश्चितकालीन हड़ताल के दूसरे दिन हिंसा और आगजनी की घटनाएं हुईं जहां सेना और अर्द्धसैनिक बलों ने शांति कायम करने के लिए सड़कों पर गश्त की। मनोरम पहाड़ियों से पर्यटक भी दूर रहे क्योंकि गोरखालैंड आंदोलन के कारण सामान्य जनजीवन बाधित रहा। सुरक्षा बलों ने पहाड़ियों में फ्लैग मार्च निकाला और सेना ने पटेलबास और सिंगामरी के आसपास के इलाकों में गश्त की जहां से कल भारी संख्या में हथियार, विस्फोटक और नकदी बरामद की गई थी।

दार्जिलिंग में हिंसा के परिप्रेक्ष्य में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज रात वहां की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान गृह मंत्री को दार्जिलिंग की कानून-व्यवस्था की स्थिति से अवगत कराया गया।  दार्जिलिंग किले में तब्दील होती दिखी जहां सुरक्षा बल भारी संख्या में मौजूद हैं वहीं केंद्र ने वहां आज सुरक्षा बलों की नयी टुकड़िया नहीं भेजी हैं क्योंकि राज्य सरकार ने वहां की स्थिति पर अभी तक रिपोर्ट नहीं सौंपी है। दार्जिलिंग से 50 किलोमीटर मिरिक में एक पंचायत कार्यालय को जीजेएम के कई कार्यकर्ताओं ने आग के हवाले कर दिया। लोधामा में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी आग लगा दी गई।

एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि कलिमपोंग के ताराखोला स्थित वन विभाग के कार्यालय में कल रात कथित तौर पर आग लगाने के मामले में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा :जीजेएम: के छह संदिग्ध समर्थकों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, स्थिति अब भी काफी तनावपूर्ण है। कुछ भी हो सकता है। विभिन्न स्थानों पर फ्लैग मार्च निकाला गया है। वहीं पश्चिम बंगाल सरकार ने पहाड़ों में कानून-व्यवस्था की स्थिति बहाल करने के लिए आज सात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दार्जिलिंग रवाना किया।
सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, राज्य सरकार चाहती है कि पहाड़ों में तेजी से स्थिति में सुधार आए। इसको ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को वहां जाने के निर्देश दिए गए हैं।

 

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