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विनय कटियार बोले- भगवान राम चाहते हैं एक और बलिदान, तैयार रहना होगा

विनय कटियार ने कहा कि 'भगवान राम चाहते हैं कि एक बलिदान और हो और हमें इसके लिए तैयार रहना चाहिए, तभी जाकर अयोध्या में मंदिर निर्माण हो सकेगा। विनय कटियार ने कहा कि 6 दिसंबर, 1992 को जब मुलायम सिंह ने गोलियां चलवायी थी, तब कई लोग मारे गए थे, ऐसी ही एक और क्रांति करने की जरुरत है और हिंदू समुदाय को शहादत के लिए तैयार रहना चाहिए।'

विनय कटियार ने कहा है कि ‘राम जन्मभूमि एक और बलिदान चाहती है और हिंदू समुदाय को इसके लिए तैयार रहना चाहिए।'(file photo)

भाजपा के फायरब्रांड नेता विनय कटियार ने शनिवार को एक बड़ा बयान दिया है। विनय कटियार ने कहा है कि ‘राम जन्मभूमि एक और बलिदान चाहती है और हिंदू समुदाय को इसके लिए तैयार रहना चाहिए।’ राज्यसभा सांसद ने शनिवार को नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ये बयान दिया। विनय कटियार ने कहा कि ‘भगवान राम चाहते हैं कि एक बलिदान और हो और हमें इसके लिए तैयार रहना चाहिए, तभी जाकर अयोध्या में मंदिर निर्माण हो सकेगा। विनय कटियार ने कहा कि 6 दिसंबर, 1992 को जब मुलायम सिंह ने गोलियां चलवायी थी, तब कई लोग मारे गए थे, ऐसी ही एक और क्रांति करने की जरुरत है और हिंदू समुदाय को शहादत के लिए तैयार रहना चाहिए।’

विनय कटियार ने कहा कि ‘हम सिर्फ मथुरा और काशी की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि देश में कई देवस्थान हैं, जिन्हें मुगल शासकों द्वारा तोड़ा गया।’ कटियार ने आरोप लगाते हुए कहा कि ‘कश्मीर में तमाम मंदिर तोड़े जा रहे हैं और देश में कई ऐसे स्थान हैं, जहां मंदिरों को सुरक्षित रख पाना कठिन हो रहा है।’ कटियार ने कहा कि ‘अयोध्या में बहुत सारी मस्जिद हैं और जो लोग मस्जिद की मांग कर रहे हैं, वह एक महाजिद कर रहे हैं। इस महाजिद को खत्म करने के लिए सबकों संघर्ष करना होगा।’ कटियार ने ये भी कहा कि हमें यह उम्मीद है कि साल 2019 तक राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरु कर दिया जाएगा। श्री श्री रविशंकर द्वारा राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले पर सुलह की कोशिश करने की बात पर प्रतिक्रिया देते हुए कटियार ने कहा कि ‘आज वो लोग इस मुद्दे पर वार्ता करने आ रहे हैं, जिनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।’

बता दें कि 6 दिसंबर, 1992 को हजारों कारसेवकों ने बाबरी मस्जिद को ढहा दिया था, जिसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह ने कारसेवकों को रोकने के लिए गोलियां चलाने का आदेश दिया था, जिसमें कई कारसेवकों की मौत हो गई थी। बाबरी विध्वंस के बाद देशभर में दंगे भड़क गए थे, जिसमें करीब 2000 लोगों की जान चली गई थी। उल्लेखनीय है कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद करीब एक सदी पुराना है, जो हिंदू-मुस्लिम समुदाय के बीच तनाव का कारण बना हुआ है। फिलहाल इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है, जिसकी सुनवाई 8 फरवरी से शुरु हुई है।

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