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VIDEO देखें: सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद तमिलनाडु के मदुरई में लोगों ने मनाया जल्लीकट्टू

मदुरै में पालामेडु और अलंगानाल्लुर जल्लीकट्टू के आयोजन के लिए मशहूर है।

Author January 15, 2017 3:14 PM
2010 से 2014 के बीच जल्लीकट्टू खेलते हुए 17 लोगों की जान गई थी और 1,100 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे। (फोटो-पीटीआई)

प्रतिबंध के बावजूद आज (रविवार को) तमिलनाडु के कई हिस्सों में खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने जल्लीकट्टू मनाया। इस दौरान पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने बताया कि तमिलनाडु के मदुरै जिले के मुदाकथन, अलंगानाल्लुर, पालामेडु और विलांगुडी, डिंडीगुल जिले के नल्लमपट्टी और तंजावुर जिले के पोट्टुचवाड़ी में जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध का विरोध करते हुये इस खेल का आयोजन करने का प्रयास करने के मामले में युवकों को हिरासत में लिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोंगल उत्सव पर जल्लीकट्टू का आयोजन करने की अनुमति नहीं देने के विरोध में पालामेडु गांव में लोगों ने काले झंडे दिखाए। कई क्षेत्रों में दुकानें बंद रही और अलंगानाल्लुर में भी काले झंडे दिखाये गये। मदुरै में पालामेडु और अलंगानाल्लुर जल्लीकट्टू के आयोजन के लिए मशहूर है।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन इलाकों की सख्त निगरानी की जा रही है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जल्लीकट्टू के आयोजन के प्रयास को रोकने के लिए पुलिस थानों को सतर्क कर दिया गया है। उच्चतम न्यायालय द्वारा जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध लगाये जाने के बाद राज्य में प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ इस खेल के समर्थक इसके आयोजन के लिए एक अध्यादेश की मांग कर रहे हैं। मदुरै जिले में प्रतिबंध के विरोध में प्रदर्शन कर रहे 149 लोगों को कल हिरासत में लिया गया था। उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को कहा था कि वह पोंगल के पहले जल्लीकट्टू पर अपना फैसला नहीं दे सकता।

गौरतलब है कि जल्लीकट्टू के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बोलते हुए द्रमुक ने शुक्रवार (13 जनवरी) को आरोप लगाया था कि उनको अभिनेताओं और अन्य लोगों से मिलने की फुर्सत है लेकिन अन्नाद्रमुक सांसदों से मिलने का समय नहीं है, जो पोंगल के दौरान तमिलनाडु में सांडों को काबू में करने के खेल जल्लीकट्टू के आयोजन को लेकर उनसे चर्चा करना चाहते थे। द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष एमके स्टालिन ने खेल के आयोजन को लेकर तत्काल अध्यादेश लाने के संबंध में केंद्र पर दबाव डाला और अन्नाद्रमुक से भी इसके लिए दबाव डालने की बात की। उन्होंने कहा कि इस संबंध में तत्काल निर्णय नहीं किये जाने की स्थिति में ‘तमिल समुदाय दोनों को माफ नहीं करेगा।’

वीडियो देखिए- सुप्रीम कोर्ट के बैन के बावजूद नाम तमिलर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जल्लीकट्टू का किया आयोजन

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