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गुजरात: दलित की बारात पर पथराव के बाद हिंसा और लाठीचार्ज, हफ्ते भर में चौथी घटना

महज एक सप्ताह के दौरान गुजरात में दलितों पर हमले की यह चौथी घटना है। चारों ही मामलों में दलितों के शादी के जुलूस को ऊंची जाति के स्थानीय लोगों के प्रतिरोध का सामना करना पड़ा।

इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है।

गुजरात के अरावली जिले में रविवार को दलित दूल्हे की बारात पर पथराव किया गया। इस घटना को अंजाम देने का आरोप ऊंची जाति के लोगों पर है, जिसके बाद इलाके में हिंसा भड़क गई। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा। बता दें कि गुजरात में पिछले एक सप्ताह के दौरान दलितों की शादी के जुलूस पर हमले की यह चौथी घटना है। इन सभी मामलों में दलितों को ऊंची जाति वाले स्थानीय लोगों के प्रतिरोध का सामना करना पड़ा है।

यह है मामला: साबरकांठा जिले की प्रांतिज तहसील के सितवाड़ा गांव में रविवार को एक दलित युवा की बारात पुलिस की निगरानी में निकाली जा रही थी। ऊंची जाति के लोगों के लगातार विरोध की वजह से भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। बता दें कि 2 दिन पहले इसी इलाके में दलित कॉन्स्टेबल की बारात भी पुलिस सुरक्षा में निकाली गई थी।

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ऐसे शुरू हुआ विवाद : रविवार को अरावली जिले के मोडासा तालुका के खम्बीसार गांव में हिंसा उस वक्त भड़की, जब उच्च जाति के स्थानीय लोगों ने कथित रूप से शादी के जुलूस पर पथराव किया। वे इस तरह के जुलूस निकालने वाले दलितों का लगातार विरोध कर रहे हैं। वहीं, इसके खिलाफ उन्होंने गांव के मुख्य मार्ग पर यज्ञ और हवन भी करवाया था। सूत्रों के मुताबिक, दलित समुदाय के सदस्यों ने जयेश राठौड़ की बारात निकालने के लिए पुलिस से अनुमति भी ली थी। साथ ही, इसके लिए पुलिस सुरक्षा की भी मांग की थी।

बारात रोकने की हुई कोशिश: दूल्हे एक दोस्त हर्ष वाघेला ने बताया कि गांव में बारात को रोकने के लिए दबंगों ने रास्ते में कई जगह यज्ञ का आयोजन कर रखा था। वे (ऊंची जाति के लोग) नहीं चाहते थे कि गांव में बारात निकाली जाए। ऐसे में उन्होंने कई जगह यज्ञ का आयोजन करा दिया। जब हमारी बारात पटेल फालिया से गुजरी तो पुलिस ने ऊंची जाति के लोगों को शांत कराने के लिए हमें रोक दिया। हालांकि, इसके बाद हम पर पथराव होने लगा और हमारे अधिकतर लोग बचने के लिए इधर-उधर छिपने लगे।

इस वजह से हुआ लाठीचार्ज: इस मामले में एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) नीरजा गोत्रू ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि पत्थर फेंकने की घटना के बाद पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज किया। वहीं, हालात पर नियंत्रण करने के लिए अरावली के एसपी मयूर पाटिल भी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए थे।

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