बिहार के पटना और बेगूसराय में सतर्कता जांच ब्यूरो ने सोमवार को एक नौकरशाह दंपति से जुड़े चार ठिकानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान करीब 80 लाख रुपये नकद, 52.60 लाख रुपये की ज्वेलरी और 6.01 लाख रुपये कीमत की 48 घड़ियां बरामद की गईं।
जांच एजेंसी ने पटना के अपर जिला दंडाधिकारी (सप्लाई) रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी, जो दानापुर में सब-रजिस्ट्रार के पद पर तैनात हैं। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है।
विजिलेंस के मुताबिक, दंपती पर करीब 1.07 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। यह उनकी कुल ज्ञात आय का लगभग 47 प्रतिशत बताई गई है। एजेंसी ने यह मामला 25 सितंबर को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) के तहत दर्ज किया था।
जांच में अब तक दंपती के नाम पर 2017 से 2026 के बीच खरीदी गई सात अचल संपत्तियों का पता चला है। इनमें दानापुर की एक प्रीमियम मल्टी-टावर गेटेड सोसाइटी में दो फ्लैट, फुलवारी शरीफ में कुल 11.7 डिसमिल के तीन प्लॉट और बेगूसराय में 24 डिसमिल के दो प्लॉट शामिल हैं।
संपत्तियों की कीमत 2.92 करोड़ रुपये
अधिकारियों के मुताबिक, इन सातों अचल संपत्तियों की कीमत खरीद के दस्तावेजों के आधार पर करीब 2.92 करोड़ रुपये आंकी गई है। छापेमारी के लिए पटना की विशेष निगरानी अदालत से सर्च वारंट हासिल किए गए थे। इसके बाद विजिलेंस की चार टीमों ने सोमवार को चार ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें पटना स्थित दंपती का आवास, दोनों अधिकारियों के कार्यालय और बेगूसराय स्थित उनका आवास शामिल था।
एक अधिकारी के मुताबिक, पटना के फ्लैट से 70.53 लाख रुपये नकद, जबकि बेगूसराय स्थित आवास से 9.44 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। दोनों स्थानों से बरामद सोने, चांदी और हीरे के आभूषणों का भी अस्थायी मूल्यांकन किया गया। पटना में मिले आभूषणों की कीमत 23.89 लाख रुपये, जबकि बेगूसराय से मिले आभूषणों की कीमत 28.70 लाख रुपये आंकी गई है। इस तरह केवल दोनों ठिकानों से बरामद नकदी ही 79.97 लाख रुपये है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में आभूषण और 48 घड़ियां भी बरामद हुई हैं।
विजिलेंस ब्यूरो के मुताबिक, छापेमारी के दौरान अलग-अलग कंपनियों की 48 घड़ियां भी बरामद हुईं। इनकी अस्थायी कीमत करीब 6.01 लाख रुपये आंकी गई है। एजेंसी ने बताया कि अधिकारी दंपती के दो बैंक खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई की जा रही है।
विजिलेंस के एक अधिकारी के मुताबिक, दानापुर स्थित दोनों फ्लैटों में तलाशी के समय प्लाईवुड और लकड़ी से इंटीरियर का काम चल रहा था। इन दोनों फ्लैटों की वास्तविक कीमत का आकलन अभी किया जाना बाकी है। इसके लिए संपत्तियों का मूल्यांकन टेक्निकल एग्जामिनेशन सेल (Technical Examination Cell) करेगा। इसके बाद इन संपत्तियों की कीमत को जांच में शामिल किया जाएगा।
शिक्षक के रूप में शुरू की थी सरकारी नौकरी
सतर्कता विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रविंद्र कुमार दिवाकर ने साल 2000 में शिक्षक के रूप में सरकारी सेवा शुरू की थी। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग प्रशासनिक पदों पर काम किया।
अधिकारी के मुताबिक, दिवाकर सारण में डीपीआरओ, कटिहार और दरभंगा में एसडीसी, सहरसा में पीजीआरओ, समस्तीपुर में एसडीएम और गया व पटना में एसडीसी के पद पर रह चुके हैं। अक्टूबर 2025 में उन्हें पटना का अपर जिला दंडाधिकारी (सप्लाई) नियुक्त किया गया था।
वहीं, उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी 2013 बैच की सब-रजिस्ट्रार हैं। उन्होंने 2013 से 2017 तक तेघड़ा, 2017 से 2021 तक हवेली खड़गपुर और 2021 से 2024 तक सकरा में सब-रजिस्ट्रार के तौर पर काम किया। इसके बाद 2024 में उनकी पोस्टिंग दानापुर में हुई। विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है।
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से सनसनीखेज खबर सामने आई है, यहां मंगलवार को एक होटल के कमरे में 25 साल की महिला का शव फंदे से लटका मिला। घटना की खबर लगते ही कर्मचारियों में दहशत फैल गई। अधिकारियों के अनुसार, घटना सोमवार को सदर थाना क्षेत्र में गोबरसही चौक के पास स्थित एक होटल में हुई। महिला की पहचान बेगूसराय जिले के तेघड़ा निवासी निगम कुमारी के रूप में हुई है। वह गुजरात के अहमदाबाद में एक रियल एस्टेट कंपनी में काम करती थी। पढ़ें पूरी खबर।
