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VIDEO: इस सरकारी स्कूल में पढ़ाया जा रहा- च से चोर, चाचा नेहरू थे चोरों के प्रधानमंत्री

ए फॉर एप्पल, बी से बैट और सी से कैट। स्कूल में अल्फाबेट पढ़ाने के लिए अक्सर ये शब्द प्रयोग होते हैं। मगर झारखंड में ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। यहां के एक सरकारी स्कूल में बच्चों को अनोखा और अटपटा पाठ पढ़ाया जा रहा है। स्कूल के शिक्षक के अनुसार, ए से आदिवासी, बी से विदेश और सी से छोटा नागपुर होता है।

झारखंड के सरकारी स्कूल में शिक्षकों को अंग्रेजी के अक्षरों तक का ज्ञान नहीं है। (फोटोः ट्विटर)

ए फॉर एप्पल, बी से बैट और सी से कैट। स्कूल में अल्फाबेट पढ़ाने के लिए अक्सर ये शब्द प्रयोग होते हैं। मगर झारखंड में ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। यहां के एक सरकारी स्कूल में बच्चों को अनोखा और अटपटा पाठ पढ़ाया जा रहा है। स्कूल के शिक्षक के अनुसार, ए से आदिवासी, बी से विदेश और सी से छोटा नागपुर होता है। इतना ही नहीं, शिक्षक ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के लिए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया। कक्षा के बीच उसने बच्चों से कहा कि च से चोर होता है और चाचा नेहरू चोरों के पहले मंत्री थे। शिक्षा के बेहद घटिया स्तर से जुड़ा यह मामला राज्य के खूंटी में पत्थलगढ़ी का है। सरकारी स्कूल में खुले आसमान के नीचे शिक्षक बच्चों को पढ़ाते हैं। बैठने के लिए बंदोबस्त न होने से बच्चे भी दरी बिछा कर पढ़ने को मजबूर हैं। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी एक न्यूज चैनल ने जारी किया है, जिससे स्कूल के शिक्षक की योग्यता और अंग्रेजी ज्ञान के बारे में बखूबी पता लगता है।

क्लिप में शिक्षक कक्षा के दौरान बच्चों को अल्फाबेट रटवा रहा होता है। वह कहता है, “ए से आदिवासी, बी से विदेशी, सी से छोटा नागपुर दस्कारी अधियिनयम, डी से धरती, ई से इमिग्रेन, एफ से फीता और घ से घंटी। हद तो तब हो गई जब उसने अपने इस अनोखे पाठ में पूर्व पीएम नेहरू को भी शामिल किया। उसने आगे कहा, “घ से घंटी, घंटी बजाने वाला ब्राह्मण बुड़बक (पागल) है। च से चोर, चाचा नेहरू चोरों के प्रथम मंत्री थे।”

स्कूल में पढ़ाए जा रहे इस पाठ के संबंध में जब न्यूज चैनल ने स्थानीय शिक्षा विभाग के अधिकारियों से पूछताछ की तो उन्होंने यह कह कर अपना पल्ला झाड़ लिया कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। हालांकि, अधिकारियों ने इस बाबत उचित जांच किए जाने की बात कही है। आपको बता दें कि यह ऐसा पहला मामला नहीं है, जिसके जरिए प्राथमिक शिक्षा का घटिया स्तर जगजाहिर हुआ हो। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई इलाकों में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं।

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