ताज़ा खबर
 

VIDEO: छेड़खानी करने वाले पर टूट पड़ी लड़कियां, घेरकर चप्पलों से पीटा

राजस्थान के श्री गंगानगर जिले में एक शख्स को छेड़खानी के आरोपों के चलते कुछ लड़कियों ने घेरकर चप्पलों से पीट दिया। इस घटना का वीडियो मीडिया में चल रहा है। चप्पलों से पिटने वाले शख्स को मनचला बताया जा रहा है। आरोप है कि शख्स लड़कियों को स्कूल आते-जाते समय छेड़ा करता था।

वीडियो से लिया गया स्क्रीनशॉट।

राजस्थान के श्री गंगानगर जिले में एक शख्स को छेड़खानी के आरोपों के चलते कुछ लड़कियों ने घेरकर चप्पलों से पीट दिया। इस घटना का वीडियो मीडिया में चल रहा है। चप्पलों से पिटने वाले शख्स को मनचला बताया जा रहा है। टाइम्स नाउ की खबर के मुताबिक शख्स लड़कियों को स्कूल आते-जाते समय छेड़ा करता था। बात जब ज्यादा बढ़ गई तो लड़कियों ने मनचले को सबक सिखाने का निश्चय किया और एकजुट होकर उसे घेरकर चप्पलों से पीटा। राजस्थान में यह हालात तब हैं जब वहां की मुख्यमंत्री एक महिला हैं। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सरकार ने विधानसभा में 12 साल या इससे कम उम्र की लड़कियों से रेप के दोषी को मौत की सजा देने वाले कानून को मंजूरी दे दी है। लेकिन राज्य में महिलाओं, बच्चियों और लड़कियों के प्रति यौन अपराधों में कमी आती नहीं दिख रही है। मनचले को पीटने वाले वीडियो से इलाके में पुलिस की सक्रियता सवाल खड़ा हो रहा है, इसे देखने पर लगता है कि कानून और व्यवस्था इलाके में काम नहीं कर रही है।

मनचले की इस कदर पिटाई दिखाती है कि पुलिस लड़कियों का भरोसा जीतने में नाकाम रही, तभी शायद उन्होंने कानून को अपने हाथ में लिया। मनचले की पिटाई कर और उसका वीडियो बनाकर लड़कियां शायद शासन और प्रशासन को उसकी जवाबदेही के लिए चेताना चाह रही है। फिलहाल इस घटना के बाद शासन या प्रशासन की तरफ से खबर लिखे जाने तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी।

बता दें कि वसुंधरा राजे सरकार ने शुक्रवार (9 मार्च) को पुराने कानून में संसोधन कर 12 साल तक की लड़कियों से रेप करने के दोषी को मौत की सजा के प्रावधान वाला कानून सर्वसम्मति से पारित कर दिया। विधानसभा में दण्ड विधियां (राजस्थान संशोधन) विधेयक, 2018 ध्वनिमत से पारित किया गया। विधेयक के अमल में आने के बाद राजस्थान मध्यप्रदेश के बाद दूसरा ऐसा राज्य होगा जहां 12 साल या उससे कम उम्र की लड़कियों से बलात्कार करने के लिए मौत की सजा का प्रावधान होगा। हरियाणा की खट्टर सरकार भी इसी तरह का कानून बनाने के संकेत दे रही है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App