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रैली में शामिल करने के लिए लोगों को कैश बांटते दिखे कांग्रेस-जेडीएस कार्यकर्ता

कहा जा रहा था कि देवगौड़ा इस रैली में बहू अनीता कुमारस्वामी (एचडी कुमारस्वामी की पत्नी) के लिए प्रचार करेंगे, जो कि रामनगर के उपचुनाव में अपनी किस्मत आजमाएंगी।

पूर्व पीएम की रैली में भीड़ जुटाने के लिए लोगों को रिश्वत देते कांग्रेस-जेडीएस कार्यकर्ता।

कर्नाटक में कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के कार्यकर्ताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की रैली में भीड़ जुटाने के लिए बुधवार (31 अक्टूबर) कई लोगों को कैश बांटा। घटना के दौरान किसी ने चोरी-छिपे उनका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था, जो गुरुवार (एक नवंबर, 2018) को टेलीविजन न्यूज चैनल्स और सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर जमकर वायरल हुआ। लोगों ने इस बाबत दोनों ही पार्टियों की कड़ी आलोचना की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला रामनगर विधानसभा के एक गांव का है। कहा जा रहा था कि देवगौड़ा इस रैली में बहू अनीता कुमारस्वामी (एचडी कुमारस्वामी की पत्नी) के लिए प्रचार करेंगे, जो कि रामनगर के उपचुनाव में अपनी किस्मत आजमाएंगी। यह चुनाव सीएम कुमारस्वामी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल है। कारण- जेडी (एस) इस विधानसभा क्षेत्र में मजबूत मानी जाती है।

ऐसे में माना जा रहा है कि अनीता अच्छे-खासे अंतर से इस सीट पर जीत हासिल करेंगी। वह पहले ही कह चुकी हैं कि वह 50 हजार वोटों के अंतर से उपचुनाव में जीतेंगी। राज्य के दक्षिणी हिस्से में आने वाले रामनगर इलाके में शुरुआत से वोक्कालिगा समुदाय और एचडी देवगौड़ा-एचडी कुमारस्वामी का दबदबा रहा है। वे दोनों ही यहां पर बड़े नेताओं के रूप में देखे जाते हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अनीता चन्नापतना से पिछले विधानसभा चुनाव में लड़ना चाहती थीं। पर पार्टी ने कुमारस्वामी उस सीट के साथ रामनगर विधानसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतारने का फैसला लिया था। सीएम ने इन दोनों ही सीटों पर विजय हासिल की थी, जबकि इस बार रामनगर सीट से अनीता के चुनाव लड़ने का कांग्रेस ने समर्थन किया है।

वह इससे पहले 2008 में मदुरई से विस चुनाव जीत चुकी हैं, जबकि 2012 में उन्हें हार का स्वाद चखना पड़ा था। वहीं, जवाब में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) इस सीट से पूर्व मंत्री सीपी योगेश्वर को उतारने की योजना बना रही है, जिन्होंने 2012 के चुनावों में अनीता को हराया था।

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