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लव जिहाद, धर्मांतरण और गोहत्‍या रोकने को ‘धर्म योद्धा’ नियुक्‍त करेगी विहिप, युवाओं की तलाश

सूत्रों के मुताबिक वीएचपी में भर्तियां अक्टूबर से शुरू हो सकती हैं। धर्म योद्धाओं की भर्ती गांव, ब्लॉक, तहसील और जिला स्तर पर देश भर में होगी और उनकी रुचि के अनुसार उन्हें काम सौंपा जाएगा। अगर किसी की रुचि गायों की सुरक्षा करने में है तो उसे यह काम दिया जाएगा, इसी तरह धर्मांतरण, लव जिहाद पर निगरानी करने का काम धर्मयोद्धाओं को सौंपा जाएगा।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (Express Photo)

हिंदूवादी संगठन विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने फैसला किया है कि लव जिहाद, धर्मांतरण, गोहत्या पर निगरानी करने और धार्मिक स्थानों की सुरक्षा करने के लिए नए लोगों की भर्ती करेगा। ऐसे लोगों को धर्म योद्धा कहा जा रहा है। टीओआई की खबर के मुताबिक वीएचपी के धर्मयोद्धा जिला स्तर पर काम कर रहे लोगों के साथ सामंजस्य बैठाकर ऐसी घटनाओं पर नजर रखेंगे जो सामाजिक सद्भाव के नुकसान पहुंचाती हों। वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने मीडिया को बताया,  ”धर्मयोद्धा नियुक्त करने का उद्देश्य एक ऐसे कैडर्स को बनाना है जो पूरी तरह से संस्कृति की सुरक्षा और संरक्षण के लिए समर्पित हो। यह युवाओं के बीच राष्ट्रवाद की भावना पैदा करने का एक तरीका है। किसी को धर्मयोद्धा को हिंसा से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। ये धर्मयोद्धा सशस्त्र नहीं होंगे लेकिन वे सतर्क रहेंगे और सामाजिक-सांस्कृतिक सद्भावना को बाधित करने वाले सामाज-विरोधी तत्वों की निगरानी कर उन्हें चिन्हित करेंगे।”

बंसल ने आगे कहा कि वीएचपी की कैडर्स के पास अलग-अलग काम हैं। देश के कई हिस्सों में सक्रिय वीएचपी ने उन्हें अलग-अलग गतिविधियां में रहने के लिए कहा है। वीएचपी का यह फैसला ऐसे समय आया है जब हाल में यूपी के मेरठ में एक मुस्लिम से दोस्ती करने के मामले में एक युवती का पुलिस के द्वारा उत्पीड़न किए जाने का मामला गर्माया रहा। अभी ऐसी खबरों की पुष्टि नहीं हुई है कि पुलिस ने युवती को वीएचपी कार्यकर्ताओं से छुड़ाया था। बाद में कार्यकर्ताओं के द्वारा एक मुस्लिम युवा को पीटे जाने का वीडियो वायरल हुआ था।

सूत्रों के मुताबिक वीएचपी में भर्तियां अक्टूबर से शुरू हो सकती हैं। धर्म योद्धाओं की भर्ती गांव, ब्लॉक, तहसील और जिला स्तर पर देश भर में होगी और उनकी रुचि के अनुसार उन्हें काम सौंपा जाएगा। अगर किसी की रुचि गायों की सुरक्षा करने में है तो उसे यह काम दिया जाएगा, इसी तरह धर्मांतरण, लव जिहाद पर निगरानी करने का काम धर्मयोद्धाओं को सौंपा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक वीएचपी ने अपने लोगों से यह भी कहा है कि वे ऐसे मंदिरों की पहचान करें जिन्हें सुरक्षा की जरूरत है। एक वरिष्ठ वीएचपी नेता ने बताया कि कैडर्स ऐसे मंदिरों की निगरानी करेंगे और उनके प्रबंधन में भी मदद करेंगे।

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