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राम मंदिर पर विहिप और संतों में दिखे मतभेद

विश्व हिंदू परिषद और साधु-संतों के बीच अयोध्या में राममंदिर बनाने को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।

विश्व हिंदू परिषद और साधु-संतों के बीच अयोध्या में राममंदिर बनाने को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण भाई तोगड़िया और राम मंदिर के आंदोलन से जुडे साधु-संतों के बीच राम मंदिर का निर्माण कैसे हो, इसको लेकर गहरे मतभेद उभरे हैं। यहां परिषद के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में राम मंदिर के निर्माण को लेकर साधु-संतों की राय विहिप के पदाधिकारियों से भिन्न नजर आई। तोगड़िया ने अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए संसद में कानून बनाने की वकालत करते हुए कहा कि इसके लिए संसद में कानून लाया जाना चाहिए।
तोगड़िया ने राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर अब किसी भी तरह की बातचीत न करके केवल सिर्फ कानून बनाकर ही मंदिर निर्माण करने की बात कही। विहिप नेता बोले-अयोध्या में हर सूरत में राम मंदिर बनेगा और इसके लिए किसी से कोई बात नहीं की जाएगी। तीखे तेवर अपनाते हुए तोगड़िया ने कहा कि अब देश में कहीं भी बाबर के नाम पर एक र्इंट भी नहीं लगने दी जाएगी।
वहीं दूसरी ओर विहिप के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में भाग लेने आए राम मंदिर आंदोलन के मुख्य आंदोलनकारी महंत राम विलास वेदांती ने तोगड़िया के राम मंदिर को लेकर दिए गए बयान से अलग रुख अपनाते हुए कहा कि राम मंदिर के निर्माण के बारे में तोगड़िया की राय उनकी निजी राय है। उनकी राय से साधु-संत समाज का कोई लेना-देना नहीं है।
महंत राम विलास वेदांती ने तोगड़िया को दो-टूक जवाब देते हुए कहा कि जो काम चार सौ सालों में नहीं हुआ उसे अब धीरे-धीरे होने देना चाहिए। आक्रोश से होने वाले काम में भी रुकावटें पैदा हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि इस वक्त राम मंदिर के निर्माण की निर्णायक घड़ी धीरे-धीरे आ रही है, ऐसे में धैर्य रखने की जरूरत है। विहिप के तीन दिवसीय केंद्रीय मार्गदर्शक की बैठक का उद्घाटन ज्योर्तिपीठ बद्रीनाथ के शंकराचार्य होने का दावा करने वाले स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने द्वीप जलाकर किया। बैठक में विहिप के संगठन मंत्री दिनेश चंद्र, मंत्री अशोक तिवारी, राजेंद्र सिंह पंकज, साधु समाज से जुडेÞ रामानंदाचार्य, महामंडलेश्वर अनुभूतानंद, महंत रविंद्र पुरी, स्वामी चिन्मयानंद, स्वामी देवानंद, नेपाल से आए स्वामी जगन्नाथ दास, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्टÑीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी आदि ने भाग लिया।
विहिप के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने भी संबोधित किया। बैठक में पूरे देश से 250 से ज्यादा साधु-संत और विहिप कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं।

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