राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा है कि राम मंदिर मामले में जांच प्रभावित न हो इसलिए चंपत राय ने त्यागपत्र दिया है। आलोक राय ने कहा कि यह एक बेहतर और अच्छा कदम है और पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद के तूल पकड़ने के बाद चंपत राय ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके साथ ही अनिल मिश्रा ने भी ट्रस्ट छोड़ दिया था। पुलिस ने बीते दिन ही चंपत राय से 3 घंटे तक पूछताछ की थी।
आलोक कुमार ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि चारों ओर इस बात का शोर मचाया जा रहा था कि अगर चंपत राय अपने पद पर बने रहेंगे तो जांच प्रभावित हो सकती है, उन्हें त्यागपत्र देने की कोई मजबूरी नहीं थी और हम में से किसी ने भी उनका त्यागपत्र नहीं मांगा था।
वीएचपी अध्यक्ष के मुताबिक, उन्हें बताया गया है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टियों ने फैसला किया है कि सभी लोग जांच में शामिल होंगे और पुलिस को पूरा सहयोग करेंगे जिससे सारे दोषी पकड़े जाएं और उन्हें दंड मिले।
आरोपियों से कोई सहानुभूति नहीं
आलोक कुमार ने स्पष्ट रूप से कहा कि चढ़ावा चोरी के मामले के किसी भी आरोपी से वीएचपी को कोई सहानुभूति नहीं है। उन्होंने मांग की कि ऐसे लोगों को सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कोई वकील जिस अदालत में वह प्रैक्टिस करता है, किसी केस को लेने से इनकार कर सकता है? सोमवार को अयोध्या में फैजाबाद बार एसोसिएशन ने घोषणा की थी कि उसका कोई भी सदस्य गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों का केस नहीं लड़ेगा।
चंपत राय के खिलाफ दर्ज हो एफआईआर- कांग्रेस
दूसरी ओर, कांग्रेस ने मांग की है कि राम मंदिर में चढ़ावे के गबन के मामले में एसआईटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। कांग्रेस के सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने मंगलवार को कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से इस्तीफा देने वाले चंपत राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। सुप्रिया ने मांग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले में चुप्पी तोड़नी चाहिए और लोगों की आस्था के साथ जो विश्वासघात हुआ है, उसके लिए भी माफी मांगनी चाहिए।
सुप्रिया ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि जिन्हें मंदिर निर्माण और उसको चलाने का काम मिला, उन्होंने ही भगवान राम के दरबार को लूट लिया। उन्होंने यह मांग की कि इस मामले की सुप्रीम कोर्ट के किसी वर्तमान जज द्वारा जांच हो।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश ने भी कहा कि मोदी सरकार ने बिना किसी पारदर्शी मानदंड और परामर्श किए ही आरएसएस से जुड़े लोगों को इसमें जगह दी और पूरे ट्रस्ट को सूचना के अधिकार कानून के दायरे से बाहर कर दिया गया।
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राज्यसभा के सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने एक कविता के जरिये भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लोगों से सत्ताधारी पार्टी को वोट के जरिये हटाने की अपील की और आरोप लगाया कि इस पार्टी ने देश और भगवान राम, दोनों को ही लूटा है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
