राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने एक बयान दिया था, जिस पर विवाद शुरू हो गया। मामला इतना तूल पकड़ लिया कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर तक को जवाब देना पड़ा। दरअसल दो दिन पहले वसुंधरा राजे ने एक कार्यक्रम में कहा था कि लोग उनके पास शिकायत लेकर आते हैं। वसुंधरा राजे ने कहा था कि लोग उनके पास घर, पेंशन, मुआवज़ा वगैरह नहीं मिल रहा है, इसकी शिकायत लेकर आते हैं।
वसुंधरा ने क्या कहा था?
वसुंधरा ने कहा था, “किसी की बीवी चली गई, लड़ाई हो गई, यह सब चलता रहेगा, यह दुनिया है , यह चलता रहेगा, यह ज़िंदगी है।” वसुंधरा ने एक शिकायतकर्ता का जिक्र करते हुए कहा कि जब मैं कल यहां आई, तो उन्होंने यह कहा और मैंने जवाब दिया, “भैया, मेरे साथ भी यही हुआ। अगर मैं अपने लिए नहीं लड़ सकती, तो मैं आपकी मदद कैसे कर सकती हूं?” वसुंधरा के अनुसार शिकायतकर्ता ने इस पर कहा, “भले ही आपने यह अपने लिए नहीं किया, प्लीज़ हमारे लिए करें’।” इसके बाद वसुंधरा कहती हैं, “भैया, मैंने अपना खो दिया; मैं खुद को नहीं बचा सकी। फिर भी, आप यहां कह रहे हैं कि मेरी स्थिति एक है, लेकिन प्लीज़ हमें बचाओ। कैसे?”
वसुंधरा के इसी बयान के बाद कथित तौर पर गलत मतलब निकालकर यह दिखाने के लिए इस्तेमाल किया गया था कि वह अपनी राजनीतिक स्थिति की बात कर रही थीं। शनिवार को उन्होंने मज़ाक में कहा कि उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया क्योंकि कुछ ‘शुभचिंतक’ हैं जिन्होंने उनके बयानों को फॉलो करने के लिए लोगों को लगाया है, इस उम्मीद में कि कोई ऐसी लाइन मिल जाए जिसे गलत मतलब निकाला जा सके।
वसुंधरा राजे ने दी सफाई
इसके बाद वसुंधरा राजे ने शनिवार को सफाई दी। उन्होंने अपने बयान को कथित तौर पर तोड़-मरोड़कर पेश करने के लिए ‘साज़िश’ करने वालों पर निशाना साधा। इसके बाद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर ने कहा कि कोई हर बार मुख्यमंत्री नहीं बनता। झालावाड़ के कामखेड़ा बालाजी धाम मंदिर में लोगों से बातचीत के बाद टिप्पणी वायरल होने के बाद वसुंधरा राजे ने शनिवार को साफ किया कि उनके शब्दों को गलत तरीके से पेश किया गया था और उन्हें गलत संदर्भ में लिया गया था। उन्होंने कहा कि स्थानीय सांसद और उनके बेटे दुष्यंत सिंह की पदयात्रा के चौथे फ़ेज के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा था कि उनके चुनाव क्षेत्र से होकर एक फ़ोर-लेन सड़क बनाई जा रही है।
वसुंधरा राजे ने कहा, “झालावाड़ में लोग बाईपास का अलाइनमेंट बदलना चाहते थे। मैंने उन्हें अपना उदाहरण देते हुए कहा कि जब धौलपुर में मेरे घर के सामने से नेशनल हाईवे गुजरा, तो मुझे भी अपने घर की बाउंड्री पीछे करनी पड़ी। मैं अपने लिए नहीं लड़ सकती थी। और जब मैं नियमों के कारण अपना घर टूटने से नहीं बचा सकी, तो मैं आपका घर कैसे बचाऊंगी?”
वसुंधरा राजे ने कहा, “ये षड्यंत्रकारी लोग हैं, पहले भी किए हैं, आज भी किए हैं, इतने सालों तक कुछ नहीं कर पाए। भगवान और उनके आशीर्वाद का शुक्रिया, और लोगों के प्यार से मुझे नहीं लगता कि वे भविष्य में भी सफल होंगे।”
मदन राठौर ने क्या कहा?
वसुंधरा राजे की टिप्पणी के बारे में मदन राठौर ने शनिवार को कहा कि उनके नाम से एक गलत बयान दिया जा रहा है। मदन राठौर ने कहा, “उन्होंने कभी नहीं कहा कि उनका काम नहीं हो रहा है। उनका सारा काम हो रहा है। मैंने अभी दो मिनट पहले ही उनसे बात की। वह बीजेपी नेशनल वाइस-प्रेसिडेंट है। क्या नहीं बचा पाईं, आप कैसी बातें कर रहे है। मुख्यमंत्री तो हर बार थोड़ी कोई बनता। आप कैसी बातें कह रहे हैं? हर बार कोई मुख्यमंत्री नहीं बनता।
(यह भी पढ़ें- अपनी ही सरकार के खिलाफ खड़ी हो गईं वसुंधरा)
राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में एक पेड़ एक बड़े टकराव का केंद्र बन गया है। हजारों लोग खुले आसमान के नीचे इकट्ठा होकर पेड़ की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर
