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राजस्‍थान: विरोध से झुकी वसुंधरा सरकार, ड्रेस कोड अनिवार्य करने का आदेश वापस

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्वीट के जरिए कहा कि कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने सरकारी महाविद्यालयों में यूनिफॉर्म के आदेश छात्रों के प्रतिनिधियों के सुझावों के बाद लागू किया था।

Author जयपुर | March 13, 2018 9:09 PM
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे। (फाइल फोटो)

राजस्थान के सरकारी महाविद्यालयों में कुछ दिन पूर्व छात्रों को यूनिफॉर्म में आने के दिए गए आदेश को छात्रों के विरोध के कारण कालेज शिक्षा निदेशालय ने मंगलवार को वापस ले लिया है। मुख्यमंत्री वसुंधरा ने ट्वीट के जरिए कहा कि कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने सरकारी महाविद्यालयों में यूनिफॉर्म के आदेश छात्रों के प्रतिनिधियों के सुझावों के बाद लागू किया था। उन्होंने कहा, ‘‘यूनिफॉर्म की अनिवार्यता से कई छात्र नाखुश है। ऐसा मेरी संज्ञान में लाया गया। इसलिए मैंने यूनिफॉर्म की अनिवार्यता हटाने कर स्वेच्छा से पहनने के निर्देश दिए।’’ उन्होंने कहा कि हम बालिकाओं को शिक्षा प्रदान करने के लिए हर जरूरत को पूरा करने के लिए प्रतिबद्व हैं।

गत 4 मार्च को भाजपा सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2018-19 से छात्रों को यूनिफॉर्म की अनिवार्यता का निर्णय किया था, लेकिन छात्रों के विरोध और विपक्षी कांग्रेस के भगवाकरण के आरोपों के कारण आदेश को वापस ले लिया गया। कॉलेज शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी एक पत्र में सभी सरकारी महाविद्यालयों के प्राध्यापकों से छात्र और छात्राओं के ड्रेस के रंग के बारे 12 मार्च तक बताने को कहा गया था। भाजपा सरकार के इस निर्णय को आरएसएस का एजेंडा बताते विपक्ष कांग्रेस ने विरोध किया।


कांग्रेस ने मुख्य सचेतक गोविंद डोटासरा ने कहा कि सरकार ने शैक्षणिक पाठ्यक्रम बदल दिया और अब महाविद्यालयों में भगवाकरण का प्रयास किया जा रहा है। हम इसका विरोध करते हैं और ऐसे किसी भी प्रयास को लागू नहीं होने देंगे। राजस्थान की उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने बताया कि सरकार ने महाविद्यालयों में यूनिफॉर्म की अनिवार्यता का निर्णय छात्रों की मांग के चलते लिया गया है। महाविद्यालयों में बाहरी तत्वों के प्रवेश को रोकने के लिए ड्रेस कोड के लिए छात्रों ने मांग की थी।

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