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वाराणसी जेल में कैदियों का उत्पात, डिप्टी जेलर घायल

पुलिस के मुताबिक शनिवार सुबह जेल में कैदी परेड के बाद कैदियों की गिनती हो रही थी। अचानक कैदियों ने डिप्टी जेलर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
Author वाराणसी | April 3, 2016 02:44 am
बनारस जेल की एक बैरक पर कैदियों ने कर लिया था कब्जा। जेलर को घंटों बनाए रखा था बंधक। (फाइल फोटो)

जिला जेल के कैदियों ने घटिया खाना, अव्यवस्था और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को जमकर हंगामा किया। जेल पुलिस के जवानों ने कैदियों को शांत करने की कोशिश की, तो कैदियों ने उन पर ही हमला बोल दिया। हालात बेकाबू होता देख प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। कई थानों की पुलिस बुलाई गई। इस दौरान पुलिस ने कई राउंड फायरिंग की। कैदियों के हमले में डिप्टी जेलर बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया है। डीआइजी ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

शनिवार को जिला जेल में हंगामे की सूचना पाकर जिलाधिकारी राजमणि यादव और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आकाश कुलहरी मौके पर पहुंचे। मामला बिगड़ता देख अधिकारियों ने कई थानों की पुलिस और पीएसी बुलाई। हिंसा पर उतारू कैदियों को काबू में करने के लिए पुलिसकर्मियों ने जेल के अंदर पेड़ों पर चढ़कर मोर्चा संभाला।

पुलिस के मुताबिक शनिवार सुबह जेल में कैदी परेड के बाद कैदियों की गिनती हो रही थी। अचानक कैदियों ने डिप्टी जेलर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। यह देख मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने कैदियों को मारना-पीटना शुरू कर दिया। यह देखकर बैरक के अन्य कैदी जेलर और डिप्टी जेलर के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मौके पर पहुंचे जेल अधीक्षक आशीष तिवारी को कैदियों ने बंधक बना लिया। इसके बाद जब वहां डिप्टी जेलर एके राय पहुंचे तो कैदियों ने उन पर हमला बोल दिया। उनके सिर में गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हालात बेकाबू होता देख जिलाधिकारी और एसएसपी ने कई थानों की पुलिस को मौके पर बुलाया। पुलिस फोर्स के जेल के अंदर जाते ही गुस्साए कैदियों ने उसपर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान क्राइम ब्रांच के एसपी लाठी के साथ कैदियों से निपटते नजर आए। इसके बाद बंदी रक्षक ने जब पगली घंटी बजाई तो वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने कैदियों को दौड़ाया। इसके बाद कैदियों ने फिर पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस ने करीब 12 चक्र फायरिंग की।

कैदियों को बेकाबू होता देख डीआइजी संजीव गुप्त भी वहां पहुंच गए। पुलिस ने किसी तरह बैरक नंबर 13 में बंदी बनाए गए जेल अधिकारियों को बाहर निकाला। शाम चार बजे एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया। कैदियों ने समाजवादी पार्टी के नेताओं और पत्रकारों के सामने अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने खान-पान में अव्यवस्था और जेल में भ्रष्टाचार की बात कही। डीआइजी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
* मीडिया और सपा नेताओं के सामने कैदियों ने लगाया अव्यवस्था व भ्रष्टाचार का आरोप
* कई थानों की पुलिस और पीएसी बुलाई गई, एनडीआरएफ टीम ने संभाली स्थिति

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