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वाराणसी-चंदौला भगदड़ में मरनेवालों की संख्या हुई 25

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वाराणसी के मण्डलायुक्त को घटना की मजिस्ट्रेट जांच करने के भी आदेश दिए हैं।

Author चंदौली (उप्र) | Published on: October 16, 2016 6:49 PM
बाबा जयगुरुदेव संस्थान के कार्यक्रम में शिरकत करने जा रहे श्रद्धालुओं में मची भगदड़ के बाद का दृश्य। (PTI Photo/15 Oct, 2016)

उत्तर प्रदेश के चंदौली और वाराणसी जिले की सीमा पर बाबा जयगुरुदेव संस्थान के कार्यक्रम में शिरकत करने जा रहे श्रद्धालुओं में शनिवार (15 अक्टूबर) को मची भगदड़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 25 हो गयी है। चंदौली के जिलाधिकारी कुमार प्रशांत ने रविवार (16 अक्टूबर) को संवाददाताओं से कहा, ‘मृतकों की संख्या बढ़कर 25 हो गयी है।’ जब घायलों की संख्या के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जल्द ही घायलों की सही संख्या बता दी जाएगी। प्रशांत ने बताया कि जय गुरूदेव की याद में आयोजित दो दिवसीय शिविर का रविवार को दूसरा दिन है। लगभग 50 फीसदी श्रद्धालु यहां से जा चुके हैं। शेष के रविवार रात तक वापस लौट जाने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि पूरी एहतियात बरती जा रही है। पर्याप्त संख्या में बल तैनात किया गया है। स्थिति अब नियंत्रण में है।

घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार रात दो पुलिस अधीक्षकों सहित पांच पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया। पुलिस अधिकारियों के निलंबन की जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय समूह ट्विटर एकाउंट पर दी गयी है। पुलिस उपमहानिदेशक (कानून-व्यवस्था) दलजीत चौधरी ने यहां बताया था कि चंदौली जिले में गंगा के किनारे डोमरी गांव में बाबा जयगुरुदेव की याद में आयोजित दो दिवसीय जागरूकता शिविर में आए बड़ी संख्या में श्रद्धालु वाराणसी स्थित पीली कोठी से होते हुए डोमरी गांव जा रहे थे। रास्ते में वाराणसी जिले के रामनगर थाना क्षेत्र स्थित राजघाट पुल पर गर्मी और घुटन के कारण एक व्यक्ति की मौत के बाद अचानक भगदड़ मच गयी।

हादसे में शनिवार तक 24 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो गयी थी। एक घायल के आज (रविवार, 15 अक्टूबर) दम तोड़ने से मृतकों की संख्या बढ़कर अब 25 हो गयी है। मृतकों में कई महिलाएं भी शामिल हैं। बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। चौधरी ने बताया कि बाबा जयगुरुदेव संस्थान ने जितनी भीड़ का अनुमान लगाकर आयोजन की अनुमति ली थी, उससे कई गुना ज्यादा भीड़ एकत्र हो गई थी। जयगुरुदेव संस्थान ने इस हादसे के लिए जिला प्रशासन की चूक को जिम्मेदार ठहराया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए। साथ ही प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से घटना में मरने वालों के परिजनों को दो-दो लाख रूपये और गंभीर रूप से घायल लोगों को 50-50 हजार रुपए देने को मंजूरी दी। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार ही ‘ट्वीट’ कर इस हादसे पर दुख जाहिर किया और सम्बन्धित वरिष्ठ अधिकारियों से बात कर हालात का जायजा लिया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घटना में घायल हुए लोगों का मुफ्त व समुचित इलाज कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने वाराणसी के मण्डलायुक्त को घटना की मजिस्ट्रेट जांच करने के भी आदेश दिए हैं।

अखिलेश यादव ने वाराणसी में भगदड़ में मारे गए लोगों के प्रति दुख प्रकट करते हुए ऐलान किया कि समाजवादी किसान और सर्वहित बीमा योजना के तहत मृतक के आश्रित को पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने घायलों के इलाज के लिए ढाई लाख रुपए उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। पात्र व्यक्ति को आवश्यकतानुसार कृत्रिम अंग लगाने के लिए एक एक लाख रुपए की अतिरिक्त आर्थिक मदद तत्काल उपलब्ध करायी जाए। प्रवक्ता ने बताया कि उक्त राशियां मुख्यमंत्री की ओर से पूर्व में घोषित मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए तथा घायलों को पचास-पचास हजार रुपए की आर्थिक मदद के अतिरिक्त होगी।

उधर, जयगुरुदेव संस्थान के मीडिया प्रभारी राज बहादुर ने बताया कि राजघाट पुल पर पदयात्री जा रहे थे। बीच में पुलिस ने भीड़ को वापस भेजना शुरू किया, दूसरी तरफ से भी लोग आ रहे थे। इसी बीच पुल टूटने की अफवाह फैल गयी, जिससे भगदड़ मची। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के लिए प्रशासन की चूक जिम्मेदार थी।

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