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रिपोर्ट: दुनिया का सबसे खराब आबो-हवा वाला शहर वाराणसी, वायु प्रदूषण के लिए हुए सिर्फ कागजी प्रयास

उत्तर प्रदेश का शहर वाराणसी दुनिया का सबसे प्रदूषित हवा वाला शहर हो गया है। पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए प्रयास सिर्फ कागजों पर ही नजर आते हैं।

वाराणसी की हवा में प्रदूषण का स्तर राष्ट्रीय औसत से 1.6 गुना अधिक है। (प्रतीकात्मक फोटो/रॉयटर्स)

वायु प्रदूषण के मामले उत्तर प्रदेश का वाराणसी शहर दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हो गया है। शहर में वायु प्रदूषण को रोकने के प्रयास जमीनी स्तर पर नजर नहीं आते हैं। वायु प्रदूषण को लेकर सरकार के अधिक प्लान कागजों में ही सिमटे हुए हैं।

शहर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने का जिम्मा शहरी निकाय, वन विभाग, ट्रैफिक पुलिस उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ ही कम से कम एजेंसियों के पास है। इन सब के बावजूद पिछले 19 साल में यहां का वायु प्रदूषण 2.4 गुना अधिक बढ़ गया है।

प्रदूषण की हालत यह है कि यह विश्व स्वास्थ्य संगठन के निर्धारित मानक के करीब 10 गुना अधिक है।वाराणसी को दुनिया के 4300 शहरों में तीसरा सबसे प्रदूषित शहर (साल 2018 )बताया गया था। इस साल जनवरी में वाराणसी में PM 2.5 का औसत स्तर 104 µg/m³ रिकॉर्ड किया गया था। यह नेशनल एनुअल सेफ लेवल के 1.6 गुना अधिक था। इसके अलावा यह WHO के मानक से 9.4 गुना अधिक था। क्लाइमेट ट्रेंड की “Political Leaders Position and Action on Air Quality in India” की रिपोर्ट में 14 भारतीय शहरों से संबंधित सांसदों के कार्य का विश्लेषण किया था।

 

स्थानीय प्रशासन से आरटीआई के सवालों की सीरिज के आधार पर एक स्टडी की गई। इसमें विभागों से कचरा जलाने, वायु प्रदूषण कानूनों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की संख्या व अन्य चीजों के बारे में जानकारी के साथ ही उनके काम के अपडेट्स के बारे में पूछने पर कोई सूचना नहीं मिली।

स्टडी में सेंटर फॉर इन्वॉयरन्मेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (CEED), इंडिया स्पेंड और केयर4एयर की साल 2016 की एक रिपोर्ट का भी अध्ययन किया गया। इमसें पाया गया कि वाराणसी की हवा भी दिल्ली की तरह ही प्रदूषित है।

 

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