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उत्तराखंड में कांग्रेस संगठन और सरकार के बीच विवाद गहराया

उत्तराखंड सरकार के मुखिया हरीश रावत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के बीच चल रहा आपसी विवाद फिर दिल्ली हाईकमान के दरबार में पहुंच गया है।
Author देहरादून | October 7, 2016 03:16 am

उत्तराखंड सरकार के मुखिया हरीश रावत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के बीच चल रहा आपसी विवाद फिर दिल्ली हाईकमान के दरबार में पहुंच गया है। गुरुवार को हरीश रावत को अचानक पार्टी हाईकमान ने दिल्ली बुलवाया। रावत अपने सारे कार्यक्रम छोड़ कर दिल्ली पहुंचे। उधर, देहरादून में किशोर उपाध्याय से बातचीत करने के प्रदेश कांग्रेस के सहप्रभारी संजय कपूर दिल्ली से देहरादून पहुंचे और उन्होंने किशोर उपाध्याय को समझाने का भरसक प्रयास किया। लेकिन बात नहीं बनी।प्रगतिशील लोकतांत्रिक मोर्चा (पीडीएफ) को लेकर हरीश रावत और किशोर उपाध्याय के बीच जबरदस्त मतभेद चल रहे हैं। किशोर उपाध्याय खुल कर पीडीएफ के विधायकों का विरोध कर रहे हैं, जबकि हरीश रावत पीडीएफ के विधायकों की खुलेआम पैरवी कर रहे हैं। उपाध्याय ने पार्टी हाईकमान से दो टूक कह दिया है कि पीडीएफ के साथ वे चुनाव में किसी भी तरह का गठबंधन बर्दाश्त नहीं करेंगे। उपाध्याय के निशाने पर पीडीएफ के नेता दिनेश धनै हैं। पिछले दिनों जब पीडीएफ के नेता कांग्रेस की केंद्रीय प्रभारी अंबिका सोनी से मिले थे और प्रदेश अध्यक्ष को हटाने की मांग की थी, तब उपाध्याय ने दो टूक शब्दों में पार्टी हाईकमान को यह संदेश दे दिया था कि पार्टी हाईकमान चाहे तो उन्हें हटा दे।

दो महीने पहले किशोर उपाध्याय ने हरीश रावत के कहने पर उन्हें 150 कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक सूची दी थी। रावत ने पार्टी के इन कार्यकर्ताओं को लालबत्ती देने का उपाध्याय से वायदा किया था। लेकिन असलियत यह है कि रावत ने उपाध्याय की सूची को रद्दी की टोकरी में डाल दिया और उपाध्याय के कहने पर एक भी दर्जाधारी मंत्री नहीं बनाया। जिससे उपाध्याय और बुरी तरह चिढ़ गए। विधानसभा चुनाव के ऐन मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष उपाध्याय और मुख्यमंत्री रावत के बीच बढ़ रहे मतभेदों ने कांग्रेस हाईकमान को गहरी चिंता में डाल दिया।

सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाईकमान ने पहले अंबिका सोनी को उपाध्याय और रावत में मतभेद सुलझाने के लिए देहरादून जाने को कहा, परंतु रावत और उपाध्याय के रोजाना की झगड़ों से तंग आई अंबिका सोनी ने पार्टी हाईकमान से देहरादून जाने से साफ इनकार कर दिया। अंबिका सोनी पहले ही पार्टी हाईकमान को उत्तराखंड के प्रभारी पद से इस्तीफा दे चुकी हैं। अंबिका सोनी के उत्तराखंड कांग्रेस से पिंड छुड़ाने के बाद पार्टी हाईकमान ने संजय कपूर को देहरादून भेजा। जिस तरह से रावत और उपाध्याय के बीच मतभेद चल रहा है, वह विवाद कांगेस का बेड़ागर्क करके ही दम लेगा।

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