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उत्तराखंड: शराब के खिलाफ स्त्री शक्ति ने धरा रौद्र रूप

उत्तराखंड में शराब के कारोबार को लेकर सूबे की सरकार और शराब विरोधी महिला आंदोलनकारी आमने-सामने आ डटे हैं।
Author देहरादून | April 13, 2017 04:18 am
फिलहाल शराब की दुकान जलाने का कारण पता नहीं चल पाया है।

सुनील दत्त पांडेय

उत्तराखंड में शराब के कारोबार को लेकर सूबे की सरकार और शराब विरोधी महिला आंदोलनकारी आमने-सामने आ डटे हैं। सूबे में महिलाओं ने शराब के ठेकों के खिलाफ जबरदस्त आंदोलन छेड़ रखा है। खासकर सूबे के पर्वतीय क्षेत्रों में शराब विरोधी आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया है। गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक शराब की बिक्री के खिलाफ जगह-जगह आंदोलनकारी महिलाएं विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार ने राजकीय राजमार्गो से शराब की दुकानें हटाने के उच्चतम न्यायालय के आदेश से बचने के लिए 64 राजकीय राजामार्गो को जिला मार्ग घोषित कर दिया हैं। जिससे शराब विरोधी आंदोलन में जुटी महिलाएं और ज्यादा क्रोधित हो गई हैं।

गढ़वाल मंडल में तोड़फोड़

गढ़वाल मंडल के चमोली, गोपेश्वर, अगस्त्यमुनि और चम्बा इलाकों में शराब विरोधी आंदोलनकारियों ने शराब की दुकानों में जमकर तोड़फोड़ की। शराब के ठेकों की दुकानें बंद कराने के लिए महिलाओं ने गोपेश्वर में शराब की पेटियों को आग के हवाले कर दिया। टिहरी जिले के चम्बा में उग्र भीड़ ने शराब की दुकानों में तोड़ फोड़ की। महिलाओं ने शराब विरोधी नारे लगाते हुए चमोली में जोरदार प्रदर्शन किया और शराब की दुकान में धावा बोलकर शराब की बोतले तोड़ डालीं। चमोली में शराब की दुकान चलाने वालों और महिला आंदोलनकारियों में नोक झोंक भी हुई।

रुद्रप्रयाग जिले के अगस्तयमुनि क्षेत्र के सौड़ी, अमोठा, गिवाला समेत आधा दर्जन गाँवों में शराब की दुकानों में तोड़फोड़ की गई। रुद्रप्रयाग जिले के सौड़ी गाँव में महिलाओं ने टीन शेड की बनी शराब की दुकान को जड़ से ही उखाड़ फेंका। हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र में कई बस्तियों में अवैध रूप से चल रही शराब की दुकानों में लोगों ने धावा बोल दिया। महिला आंदोलनकारियों ने खड़खड़ी पुलिस चौकी का घेराव कर ऐसी दुकानें बंद कराने की मांग की।

कुमाऊं मंडल में उग्र आंदोलन
शराब विरोधी आंदोलन की आग गढ़वाल होते हुए कुमाऊं मंडल में भी जा पहुंची हैं। यहां के अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चम्पावत, बागेश्वर और उधमसिंहनगर जिलों में भी शराब के ठेकों के खिलाफ महिलाओं ने जबरदस्त आंदोलन छेड़ रखा हैं। उत्तराखंड के मैदानी जिलों हरिद्वार और उधमसिंहनगर में भी शराब विरोधी आंदोलन उग्र रूप ले लिया है। हरिद्वार के ग्रामीण क्षेत्रों लक्सर, मुंडाखेड़ा, बाकरपुर, जगजीतपुर, सुनहरा और भिक्कमपुर क्षेत्र में ग्रामीण महिलाओं ने आधा दर्जन शराब की दुकानें बंद करवा दीं।
मानवाधिकार और न्याय सुरक्षा प्रहरी संगठन से जुड़ी सुनीता देवी, राधा, हेमा रावल, राज बाला और रवींद्र भार्गव का कहना है कि शराब की दुकानों के खिलाफ हमारा आंदोलन जारी रहेगा। किसी भी सूरत में ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की दुकान नहीं खुलने दी जाएंगी।

 

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