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वीडियो: अब उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर, पिथौरगढ़ का मुख्य ब्रिज ठहा, जन-जीवन प्रभावित

उत्तराखंड में एक बार फिर मूसलधार बारिश से यहां हालात असामान्य होते नजर आ रहे हैं।

गुजरात, असम के बाद अब उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश होने से यहां जन-जीवन बुरी तरफ प्रभावित हो गया है। (फोटो सोर्स वीडियो स्क्रीन शॉट)

उत्तराखंड में एक बार फिर मूसलधार बारिश से यहां हालात असामान्य होते नजर आ रहे हैं। कई इलाकों में भारी बारिश से नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई की खबर के अनुसार पिथौरागढ़ के मदकोट में बारिश के कारण इलाके का मुख्य ब्रिज ढह गया है। हालांकि राज्य आपदा प्रतिक्रिया फंड (एसडीआरएफ) स्थानीय लोगों की मदद के लिए मौके पर पहुंच गया है। रिपोर्ट के अनुसार ब्रिज ढहने से करीब 60 बकरियां भी नदी में बह गईं। घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें ब्रिज का आधा हिस्सा नदी में गिरा हुआ नजर आ रहा है। गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को भी यहां भारी बारिश हुई थी जिससे जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ था। इस प्राकृतिक घटना में चार लोगों की भी मौत हो गई थी। न्यूज एजेंसी आईएएनएस के अनुसार ये घटना कोटद्वार इलाके की थी। जानकारी के लिए बता दें कि इन दिनों उत्तराखंड भारी बारिश और भूस्खलन जैसी स्थिति का सामना कर रहा है। इससे पहले जून, 2013 में उत्तराखंड में भयंकर प्राकृतिक आपदा आई थी। जिसने केदारनाथ में तबाही मचा दी। रिपोर्ट के अनुसार इस त्रासदी में दस हजार से भी ज्यादा लोग मारे गए। जबकि सैकड़ों लोगों का कुछ पता नहीं चला। इससे पहले यहां साल 2004 में भयंकर सूनामी आई थी जिसमें करीब एक लाख लोग बुरी तरह प्रभावित हुए थे। दरअसल हर साल बरसात का मौसम आते ही उत्तराखंड सहम सा जाता है। इस मौसम में पहाड़ी इलाकों में बादल फटना, बाढ़ आना बड़ी आम सी बात हो जाती है। उत्तराखंड की खूबसूरत वादियां सदियों से इस समस्या से जूझ रही हैं। इस साल भी पिथौरगढ़ सहित धारचूला, अल्मोड़ा समेत घाटी से सटे कई इलाके बुरी तरह बाढ़ की चपेट में घिरे रहे।

जानकारी के लिए बता दें कि बीते दिनों गुजरात और असम समेत भारत के कई राज्य भारी बारिश और बाढ़ की चपेट में रहे। अकेले गुजरात के एक गांव में एक ही परिवार के 17 लोगों की मौत हो गई है। इसी के साथ राज्य में भारी बारिश और बाढ़ के कारण मृतकों की संख्या भी 100 के पार पहुंच गई थी। वहीं घटना स्थल पर मौजूद एक पुलिस अधिकारी एबी परमार ने न्यूज एजेंसी एएफपी से कहा कि एक ही परिवार के 17 लोग पानी में डूब गए थे। मृतकों को मिट्टी में दफन पाया गया था। गुजरात सरकार के सीनियर अधिकारी पंकज कुमार ने बनासकांठा जिले से मृतकों के शव मिलने की पुष्टि की थी।

 

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