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उत्तराखंड: महाकुंभ के दौरान हुए कोरोना टेस्टिंग घोटाले में FIR दर्ज करने का आदेश

हरिद्वार में इस साल मार्च-अप्रैल में लगे कुंभ मेले के दौरान कई लोग कोरोना पॉजीटिव हो गए थे। आम लोगों के अलावा कई साधु-संन्यासी और संत-महात्मा, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिसकर्मी भी कोविड की चपेट में आ गए थे।

हरिद्वार में कुंभ मेला आयोजित किया गया था। (पीटीआई)।

उत्तराखंड सरकार ने हरिद्वार ज़िला प्रशासन को बुधवार को महाकुंभ के दौरान हुए कोरोना टेस्टिंग घोटाले की जांच के लिए रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया है। राज्य सरकार के प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने बताया कि कुंभ मेले के दौरान हरिद्वार में पांच स्थानों पर टेस्ट करने वाली दिल्ली और हरियाणा की लैब के खिलाफ मामला दर्ज कराने का आदेश जारी किया गया है।

हरिद्वार में इस साल मार्च-अप्रैल में लगे कुंभ मेले के दौरान कई लोग कोरोना पॉजीटिव हो गए थे। आम लोगों के अलावा कई साधु-संन्यासी और संत-महात्मा, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिसकर्मी भी कोविड की चपेट में आ गए थे। इसको लेकर काफी विवाद भी हुआ था। लोगों की मांग थी कि कुंभ मेला को रोक दिया जाए, हालांकि कुंभ मेला आधे-अधूरे ढंग से पूरा बीत गया। हालांकि कोरोना वायरस बीमारी की वजह से लोगों में सरकार के खिलाफ आक्रोश भी रहा।

इससे पहले उत्तराखंड सरकार ने कुंभ मेले के दौरान कोरोनावायरस की फर्जी टेस्ट रिपोर्ट जारी करने के आरोपों पर जांच बिठा दी थी। दरअसल, जिस प्राइवेट लैब को कुंभ में बड़े स्तर पर रैंडम टेस्टिंग की जिम्मेदारी दी गई थी, उस पर ही गलत परीक्षण करने का आरोप लगा है। इसके बाद कई और प्राइवेट लैब्स भी फर्जी टेस्टिंग कराने के मामले में घिरी हैं।

इस साल कोरोनावायरस की दूसरी लहर आने के बावजूद एक अप्रैल से 30 अप्रैल लाखों श्रद्धालु कुंभ मेले में हिस्सा लेने हरिद्वार, देहरादून, टिहरी और पौड़ी जिले पहुंचे थे। बताया गया है कि फर्जी टेस्टिंग का यह मामला तब खुला जब पंजाब के रहने वाले एक शख्स ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) को ई-मेल लिखकर शिकायत की। सूत्रों के मुताबिक, यह व्यक्ति कुंभ के दौरान अपने घर में ही रह रहा था। इसके बावजूद उसके पास मैसेज आया कि कोरोना टेस्टिंग के लिए उसका सैंपल लिया गया है।

जानकारी के मुताबिक, शख्स ने इस घटना की शिकायत आईसीएमआर से की और कहा कि उसके आधार और मोबाइल नंबर का फेक टेस्ट के लिए गलत इस्तेमाल हो रहा है। बाद में आईसीएमआर ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अफसर को इसकी जानकारी दी। बताया गया है कि उत्तराखंड के इस अफसर ने कुंभ मेले में टेस्टिंग की जिम्मेदारी निभाने वाली प्राइवेट लैब की रिपोर्ट्स की जांच की। जब शुरुआती जांच में ही लैब की ओर से कई और लोगों को फेक रिपोर्ट्स देने की बात सामने आई, तब उन्होंने मामले में विस्तृत जांच के आदेश दिए।

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