ताज़ा खबर
 

खून देने के लिए खाना था जरूरी, हिंदू शख्स की जिंदगी बचाने के लिए तोड़ दिया रोजा

देहरादून में एक शख्स ने एक हिंदू मरीज की जान बचाने के लिए अपना रोजा तोड़ दिया। इस वाकये ने इंसानियत को मजहब के नाम पर बांटने वालों को करारा सबक दिया है। आज पूरे इलाके में इस अनोखे भाईचारे की चर्चा हो रही है।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है। (AP Photo/Muhammed Muheisen)

रमजान के पवित्र महीने में रोजा रखना हर मुसलमान के लिए फर्ज माना गया है। लेकिन देहरादून में एक शख्स ने एक हिंदू  मरीज की जान बचाने के लिए अपना रोजा तोड़ दिया। इस वाकये ने इंसानियत को मजहब के नाम पर बांटने वालों को करारा सबक दिया है। आज पूरे इलाके में इस अनोखे भाईचारे की चर्चा हो रही है। जबकि जान बचाने वाले शख्स ने इसे नेकी का काम बताया और इसे किसी एहसान का दर्जा देने से साफ इंकार कर दिया।

दरअसल, देहरादून के मैक्स अस्पताल में देहरादून के रहने वाले छात्र अजय बिल्वाण (20 वर्ष) को भर्ती करवाया गया था। अजय को लीवर में संक्रमण की शिकायत हुई थी। उसकी प्लेटलेट्स तेजी से गिर रही थीं। शनिवार (19 मई) को प्लेटलेट्स की संख्या गिरकर 5000 से भी कम रह गई। डॉक्टरों ने अजय के पिता खीमानंद से साफ कह दिया। अगर खून नहीं चढ़ाया गया तो जान का खतरा हो सकता है। खीमानंद की लाख कोशिशों के बावजूद भी अजय के लिए ए पॉजीटिव डोनर नहीं मिल रहा था।

खीमानंद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर लोगों से मदद मांगी। खून की जरूरत की खबर देहरादून के आरिफ खान को मिली। उन्होंने खीमानंद को फोन करके कहा कि मैं खून तो दे सकता हूं लेकिन मेरे रोजे चल रहे हैं। अगर डॉक्टर मेरा खून ले सकें तो मुझे कोई समस्या नहीं है। लेकिन डॉक्टरों ने कहा कि खाली पेट खून नहीं दिया जा सकता है। अगर खाना खाया तो रोजा टूट जाएगा।

आरिफ खान बिना देर किए अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अपना रोजा तोड़कर अजय के लिए रक्तदान कर दिया। आरिफ के बाद चार और लोग भी अस्पताल रक्तदान के लिए पहुंच गए। आरिफ खान ने कहा ‘अगर मेरे रोजा तोड़ने से किसी की जान बच सकती है तो मैं पहले मानवधर्म ही निभाऊंगा। रोजे तो बाद में भी रखे जा सकते हैं, लेकिन जिंदगी की कोई कीमत नहीं है।’ आरिफ ने कहा,’ रमजान में जरूरतमंदों की मदद करने का फरमान दिया गया है। अगर हम भूखे रहकर रोजा रखते हैं और जरूरतमंद की मदद न करें तो अल्लाह खुश नहीं हो सकता। मेरी खुशकिस्मती है कि मैं किसी के काम आ सका।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App