सैकड़ों मुस्लिमों ने गुरुद्वारे में अदा की ईद की नमाज, बाहर हो रही थी भारी बारिश, मैदान में भरा था पानी

Eid Mubarak, Bakrid 2017: गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने मुस्लिमों को गुरुद्वारे के अंदर नमाज अदा करने का प्रस्ताव दिया, जिसे मुस्लिमों ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।

उत्तराखंड के जोशीमठ में एक गुरुद्वारे में ईद की नमाज अदा करते मुस्लिम धर्मावलंबी। (फोटो-ANI)

देश भर में आज ईद-उल अजहा (बकरीद) मनाई जा रही है। उत्तराखंड के जोशीमठ में सैकड़ों मुस्लिमों ने आज (02 सितंबर) को ईद-उल-अजहा के मौके पर एक गुरुद्वारे में ईद की नमाज अदा की। तय कार्यक्रम के मुताबिक इन्हें गांधी मैदान में ईद की नमाज अदा करना था लेकिन भारी बारिश की वजह से ऐसा नहीं हो सका। बारिश की वजह से मैदान में जल जमाव भी हो गया था। इस परेशानी को देखते हुए गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने मुस्लिमों को गुरुद्वारे के अंदर नमाज अदा करने का प्रस्ताव दिया, जिसे मुस्लिमों ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।

इधर, बकरीद के दिन उत्तर प्रदेश के संभल में कुर्बानी के नाम पर गाय, सांड, भैंस और ऊंट न काटने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। यह निर्देश जिले के एसडीएम राशिद खान द्वारा दिए गए हैं। राशिद खान ने कहा है कि अगर कुर्बानी के नाम पर इन जानवरों की हत्या की गई तो उसपर गैंगस्टर एक्ट लगाया जाएगा।

बकरीद के दिन मुस्लिम समुदाय के लोग बकरे की कुर्बानी देते हैं। ऐसी मान्यता है कि बकरीद के दिन अल्लाह के लिए किसी खास प्रिय जीव की कुर्बानी देनी होती है। हालांकि, अभी बकरे, भैंस या ऊंट की कुर्बानी देने का रिवाज है। मान्यता के मुताबिक कुर्बानी के गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा जाता है। एक हिस्सा कुर्बानी करने वाले खुद रखते हैं जबकि दो हिस्से को वो बांट देते हैं। बकरीद की नमाज पढ़ने के बाद कुर्बानी देने की प्रथा है। बकरीद पर मुस्लिम समुदाय के लोग नए कपड़े पहनकर मस्जिद में नमाज पढ़ने जाते हैं। नमाज पढ़ने के बाद एक-दूसरे को गले लगाकर लोग ईद की बधाई देते हैं।

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