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Uttarakhand: BJP के सत्ता में आने के बाद से लगभग 18,000 नौकरियां चली गईं- हरीश रावत का दावा, अपनी हार का भी खोला राज

कांग्रेस नेता हरीश रावत ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में अपनी हार पर कहा कि पार्टी ने उन्हें लेकर कुछ फैसले लिए, जो ठीक नहीं थे। उन्होंने कहा कि मुस्लिम यूनिवर्सिटी निर्माण को लेकर बीजेपी ने उनके खिलाफ प्रोपेगैंडा चलाया।

Harish Rawat | Congress | Uttrakhand Election
कांग्रेस नेता हरीश रावत (फोटो सोर्स: PTI/फाइल)।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश सिंह रावत का आरोप है कि बीजेपी के सत्ता में आने के बाद राज्य में 18,000 लोगों ने अपनी नौकरियां खोई हैं और 10,000 युवा बेरोजगार हुए हैं। उन्होंने केंद्र की अग्निपथ योजना को लेकर भी सवाल खड़े किए और इस स्कीम को 50 हजार युवाओं के साथ फर्जीवाड़ा करार दिया है।

उन्होंने कहा कि जहां देश के 50 हजार युवा मेडिकल और फिजिकल टेस्ट देने के बाद नौकरी पर जाने का इंतेजार कर रहे थे, अब सरकार नई स्कीम के तहत फिर से भर्ती कराने की बात कर रही है। उत्तराखंड और हरियाणा जैसे राज्यों में सेना में भर्ती होना एक गर्व की बात मानी जाती है।

उनका सवाल है कि 21 साल की उम्र में रिटायर होने के बाद एक युवा के पास क्या विकल्प बचेगा। उन्होंने कहा कि 18 हजार लोग पहले ही अपनी नौकरियां गंवा चुके हैं। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री अग्निवीरों के आरक्षण की बात कर रहे हैं। आप 50 फीसद से ज्यादा आरक्षण कैसे दे पाओगे? देश का कोई ऐसा राज्या नहीं है, जहां 48-50 प्रतिशत के आस-पास भी आरक्षण दिया जा रहा हो।”

सड़कों और चिकित्सा सेवाओं को लेकर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने सड़कों की हालत और चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में 200 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे में चिकित्सा सेवाएं उन्हें क्यों नहीं दी गईं? उन्होंने कहा कि राज्य में सड़कों की बुरी हालत है और बिजली कटौती भी बहुत ज्यादा की जा रही है।

विधानसभा चुनाव में अपनी हार पर भी खोला राज
कांग्रेस नेता ने विधानसभा चुनाव में अपनी हार को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि पार्टी की तरफ से उन्हें लेकर जो फैसले लिए गए, उनमें कुछ कमियां रहीं। उन्होंने कहा, “अगर पार्टी मुझे चुनाव लड़वाना चाहती थी, तो मुझे वहां से चुनाव लड़ने का मौका दिया जाता, जहां से मैं चाहता था।” उन्होंने कहा कि मैं रामनगर से चुनाव लड़ना चाहता था, लेकिन 2 दिन बाद ही उसमें बदलाव कर दिया गया और मुझे लालकुआं से चुनाव लड़ने के लिए कहा गया, जिसे जनता ने पंसद नहीं किया।”

मुस्लिम यूनिवर्सिटी निर्माण को लेकर चले विवाद को भी उन्होंने हार का बड़ा कारण बताया और कहा कि यह बीजेपी की तरफ से उनके खिलाफ शुरू किया गया यह एक प्रोपेगैंडा था। उन्हें लेकर किए गए बीजेपी के दावे के खिलाफ उन्होंने कोर्ट जाने की भी बात कही है। उन्होंने कहा, “मुस्लिम यूनिवर्सिटी के निर्माण को लेकर मेरे खिलाफ प्रोपेगेंडा शुरू किया गया, जो बीजेपी ने किया। पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्रियों ने मुझ पर हमला करना शुरू कर दिया और बीजेपी ने राज्य की जनता से कहा कि वो मुफ्त राशन दे रही है और कांग्रेस मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनवा रही है। इस पर भी कांग्रेस ने आगे आकर कुछ भी बोलने से यह कहकर मना कर दिया कि, जनता यह सोचेगी कि बीजेपी जो कह रही है उसमें कोई सच्चाई है।

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