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उत्तराखंड: 300 करोड़ रुपये के घोटाले में हुए थे सस्‍पेंड, अब सरकार ने इस IAS को किया बहाल

मुआवजा घोटाले में एसआइटी की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने तत्कालीन डीएम डा. पंकज पांडे व चंद्रेश यादव को निलंबित कर दिया था।

नेशनल हाइवे 74 के लैंड स्कैम में नाम आने के बाद चंद्रेश को सस्पेंड कर दिया गया था।

नैशनल हाइवे संख्या 74 के जमीन अधिग्रहण से जुड़े घोटाले में कथित भूमिका होने के आरोप में इस साल सितंबर में सस्पेंड किए गए सीनियर आईएएस अफसर चंद्रेश यादव को उत्तराखंड सरकार ने बहाल कर दिया है। यह आदेश पर्सनल डिपार्टमेंट की अडिनशल चीफ सेक्रेटरी राधा रतूड़ी ने दिया है। चंद्रेश अब अपनी पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। चंद्रेश का नेशनल हाइवे 74 के लैंड स्कैम में नाम आने के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। प्रस्तावित एनएच 74 के लिए भूमि अधिग्रहण में साल 2011 से 2016 के बीच 300 करोड़ रुपए की अनियमितताएं सामने आई थीं। निलंबित चल रहे आईएएस अधिकारी ने अपनी बहाली के लिए राज्य सरकार को एक अनुरोध पत्र भेजा था। इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया था कि भारतीय सेवा नियमावली के प्रावधान के मुताबिक किसी भी आईएएस अधिकारी को राज्य सरकार 30 दिन से ज्यादा वक्त के लिए सस्पेंड नहीं रख सकती है।

मुआवजा घोटाले में एसआइटी की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने तत्कालीन डीएम डा. पंकज पांडे व चंद्रेश यादव को निलंबित कर दिया था। इसके बाद डा. पांडे ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अंतरिम जमानत के लिए अर्जी दी। आपको बता दें कि जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण नरेंद्र दत्त की कोर्ट ने एनएच-74 मुआवजा घोटाला मामले में निलंबित चल रहे आईएएस डा. पंकज कुमार पांडे की अंतरिम जमानत अर्जी पर अगली सुनवाई के लिए 28 नवंबर की तारीख तय की थी।

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