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2019 चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे एनएसए अजीत डोवाल के बेटे शौर्य, शुरू किया बड़ा अभियान

पिछले दिसंबर में शौर्य उत्तराखंड बीजेपी के राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य बने थे। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने इस अभियान को क्यों शुरू किया है तो उन्होंने कहा, "यदि इसका कुछ राजनीतिक पहलू निकाला जाता है, तो कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन अगर इसका राजनीतिक पहलू नहीं भी निकाला जाता है, फिर ये अभियान महत्वपूर्ण है।"

शौर्य डोवाल राज्य के गढ़वाल क्षेत्र में नवंबर 2017 से ही लगातार दौरा कर रहे हैं। माना जा रहा है कि वह 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले अपने लिए माहौल तैयार करना चाहते हैं।

उत्तराखंड के गढ़वाल की पहाड़ियों में बिखरी आबादी के बीच आजकल एक पोस्टर आपको काफी आकर्षित कर सकता है। ये पोस्टर है ‘बेमिसाल गढ़वाल अभियान’ का। पिछले कुछ महीनों से ये पोस्टर गढ़वाल में कई जगह दिख रहे हैं। हर पोस्टर में एक तस्वीर छपी है। ये तस्वीर है शौर्य डोवाल की। शौर्य देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और सत्ता प्रतिष्ठान के बेहद करीबी अजित डोवाल के पुत्र हैं। हर पोस्टर पर दो फोन नंबर दिये गये हैं। इन नंबरों के जरिये लोगों को इस अभियान से जोड़ने की कोशिश की गई है। एक फोन नंबर पर मिस कॉल देकर इस अभियान को समर्थन दिया जा सकता है, दूसरे नंबर पर कॉल करने से शौर्य डोवाल और उनके अभियान के बारे में जानकारी मिलती है। जब दूसरे नंबर पर कॉल किया जाता है तो ऑपरेटर बताता है कि जो कोई भी बेहतर गढ़वाल के बारे में सोचता है वो इस अभियान में शिरकत कर सकता है। ये अभियान शौर्य डोवाल की एक कोशिश है।

ये जानकारियां गढ़वाली भाषा में भी उपलब्ध हैं। राजनीतिक रूप से अहम देहरादून और पौढ़ी जिले में भी ये बैनर पोस्टर लगाये गये हैं। बता दें कि शौर्य केन्द्र के साथ अहम मुद्दों पर काम करने वाली संस्था इंडिया फाउंडेशन के डायरेक्टर हैं। शौर्य राज्य के गढ़वाल क्षेत्र में नवंबर 2017 से ही लगातार दौरा कर रहे हैं। माना जा रहा है कि वह 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले अपने लिए माहौल तैयार करना चाहते हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि वे पौढ़ी गढ़वाल सीट से चुनाव लड़ेंगे। शौर्य डोवाल ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “उत्तराखंड को बदलने के लिए बुलंद उत्तराखंड एक कोशिश है, और बेमिसाल गढ़वाल अभियान एक शख्स द्वारा चलाया जा रहा विशेष अभियान है। शौर्य का गांव घिड़ी पौढ़ी गढ़वाल इलाके में पड़ता है। पिछले दिसंबर में शौर्य उत्तराखंड बीजेपी के राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य बने थे। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने इस अभियान को क्यों शुरू किया है तो उन्होंने कहा, “यदि इसका कुछ राजनीतिक पहलू निकाला जाता है, तो कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन अगर इसका राजनीतिक पहलू नहीं भी निकाला जाता है, फिर ये अभियान महत्वपूर्ण है।”

शौर्य डोवाल ने कहा, “मैं नहीं जानता हूं कि मैं चुनाव लडूंगा या नहीं, ये मेरे हाथ में नहीं है, लेकिन मैं ये समझता हूं कि किसी स्थान के समझ को बदलने की शुरुआत करने के लिए राजनीति एक अहम जरिया है। बुलंद उत्तराखंड और बेमिसाल गढ़वाल इसी नैरेटिव को बदलने की एक कोशिश है।” इस पूरे घटनाक्रम पर राज्य बीजेपी नेतृत्व चुप्पी साधे हुए हैं। उत्तराखंड बीजेपी के अध्यक्ष अजय भट्ट करते हैं, “बेमिसाल गढ़वाल अभियान का बीजेपी से कोई लेना-देना नहीं है, इस अभियान में हमारी प्रत्यक्ष भागीदारी नहीं है, शौर्य डोवाल राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य हैं, चूंकि उनका ग्लोबल अनुभव है और वह हमें उत्तराखंड से जुड़े मुद्दों को सुलझाने में हमारी मदद कर सकते हैं, इस अभियान के राजनीतिक फायदे पर इस वक्त प्रतिक्रिया देना जल्दबाजी होगा।” बता दें कि इस अभियान के तहत गढ़वाल इलाके में युवाओं को करियर काउंसिलिंग दी जाती है। छात्रों को करियर टिप्स देने के लिए दिल्ली से पेशेवर लोगों को बुलाया गया था।

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