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अब स्वामी रामदेव दिखाएंगे ‘पराक्रम’

पतंजलि योगपीठ के देशभर में फैले विभिन्न संस्थानों में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षाबल के जवानों के अलावा अन्य निजी सुरक्षा एजेंसियों के पांच से सात हजार जवान सुरक्षा में तैनात हैं।

बाबा रामदेव (photo source – Indian express)

अब जल्दी ही आपको योगगुरु स्वामी रामदेव की पतंजलि योगपीठ की सुरक्षा एजंसी के जवान पतंजलि के विभिन्न संस्थानों के अलावा अन्य निजी संस्थानों की सुरक्षा करते हुए नजर आएंगे। योग, आयुर्वेद और स्वदेशी अभियान के बाद अब स्वामी रामदेव की पतंजलि योगपीठ निजी सुरक्षा एजंसी के बाजार में भी कूद पड़ी है। पतंजलि योगपीठ की इस सुरक्षा एजंसी का नाम पराक्रम सुरक्षा प्राइवेट लिमिटेड रखा गया है।  बीते दिनों हरिद्वार के पतंजलि योगपीठ में स्वामी रामदेव ने एक समारोह में पराक्रम सुरक्षा प्राइवेट लिमिटेड नामक निजी सुरक्षा एजंसी का लोकार्पण किया। इस तरह स्वामी रामदेव की पतंजलि योगपीठ ने 40 हजार करोड़ रुपये के निजी सुरक्षा एजंसी के बाजार में कदम रखा है। योग और आयुर्वेद का अरबों रुपये का बाजार हथियाने के बाद अब स्वामी रामदेव निजी सुरक्षा एजंसी के अरबों रुपये के बाजार में भी अपना दबदबा बनाना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से उन्होंने पराक्रम सुरक्षा प्राइवेट लिमिटेड सुरक्षा एजंसी का गठन किया है।

क्यों चुना स्वामी रामदेव ने यह बाजारनिजी सुरक्षा एजंसियों के बाजार के इन आंकड़ों के मद्देनजर स्वामी रामदेव ने इस उद्योग के चमकदार भविष्य को देखते हुए ही इस बाजार में कदम रखा। भारत समेत पूरे एशिया में पश्चिमी देशों की उच्चस्तरीय निजी सुरक्षा एजंसियों के स्तर की कोई भी निजी सुरक्षा एजंसी नहीं है। इसलिए स्वामी रामदेव भारत में एक उच्चस्तरीय सुरक्षा एजंसी स्थापित करके देश के इस बाजार के अलावा एशिया के बाजार में भी उतरने की तैयारी कर रहे हैं। तभी पतंजलि योगपीठ की पराक्रम सुरक्षा प्राइवेट लिमिटेड के जवानों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए एक बड़ी कार्ययोजना बनाई गई है। सेना, विभिन्न केंद्रीय सुरक्ष बलों तथा विभिन्न राज्यों की नागरिक पुलिस के अवकाश प्राप्त उच्चाधिकारी और प्रशिक्षक पतंजलि योगपीठ की सुरक्षा एजंसी के जवानों को कड़ा प्रशिक्षण दे रहे हैं। फिलहाल यह प्रशिक्षण पतंजलि योगपीठ के ही परिसर में दिया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर भविष्य में अन्य राज्यों में भी पतंजलि योगपीठ की एजंसी के उच्चस्तरीय प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे।

पतंजलि योगपीठ के देशभर में फैले विभिन्न संस्थानों में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षाबल के जवानों के अलावा अन्य निजी सुरक्षा एजेंसियों के पांच से सात हजार जवान सुरक्षा में तैनात हैं।
स्वामी रामदेव की पराक्रम सुरक्षा प्राइवेट लिमिटेड एजंसी शुरू होने के बाद 10 से 12 हजार जवान उनके अपने ही संस्थानों में खप जाएंगे। इससे रामदेव की पतंजलि योगपीठ को अपनी सुरक्षा एजंसी के सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बाद भारी आर्थिक बचत होगी क्योंकि भविष्य में असम, नागपुर, मध्यप्रदेश, नोएडा तथा कई अन्य स्थानों में पतंजलि योगपीठ के मेगा फूडपार्क खुलने वाले हैं। इनमें काफी निजी सुरक्षाकर्मियों की जरूरत पड़ेगी।पतंजलि योगपीठ की निजी सुरक्षा एजंसी पराक्रम सुरक्षा प्राइवेट लिमिटेड ने प्रथम चरण में 100 युवक-युवतियों को चुना, जिनमें से 92 सुरक्षाकर्मी अंतिम प्रशिक्षण लेने के लिए चयनित हुए हंै। इनमें 86 लड़के और छह लड़कियां शामिल हैं। अगले चरण में 300-400 तक युवक-युवतियां प्रशिक्षण के लिए चुने जाएंगे। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से हर महीने पहले सोमवार से सुरक्षाकर्मियों की भर्ती की जाएगी। भर्ती के लिए आयु सीमा 18 से 30 साल तथा शैक्षिक योग्यता दसवीं पास रखी गई है। साथ ही चुने गए सुरक्षाकर्मियों को कठिन शारीरिक व स्वास्थ्य परीक्षण से गुजरना पड़ेगा। चुने गए सुरक्षाकर्मियों को सेना, अर्धसैनिक बलों तथा नागरिक पुलिस की तर्ज पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही उन्हें वैदिक शिक्षा के साथ योग, प्राणायाम, ध्यान का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

जिन चयनित सुरक्षाकर्मियों को पतंजलि योगपीठ की पराक्रम सुरक्षा प्राइवेट लिमिटेड में सुरक्षाकर्मी की नौकरी मिलेगी, उन्हें वेतन दस हजार रुपये प्रतिमाह तथा रहने-खाने की सुविधा मुफ्त में मिलेगी। 25 से 30 सुरक्षाकर्मियों के ऊपर एक सुपरवाइजर तथा हर संस्थान में तैनात सुरक्षाकर्मियों और सुपरवाइजरों के ऊपर एक उच्चस्तर का सुरक्षा अधिकारी कोओर्डिनेटर (समन्वयक) के रूप में तैनात रहेगा। इस सुरक्षा एजंसी का अपना एक लोगो भी होगा। साथ ही पतंजलि की सुरक्षा एजंसी का नारा होगा पराक्रम सुरक्षा-आपकी रक्षा।

पतंजलि के प्रयास से योग, आयुर्वेद, स्वदेशी अभियान से देश में स्वास्थ के प्रति जागरूकता और सशक्त राष्टÑीय चेतना पैदा हुई है। अब देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में आत्मसुरक्षा और राष्टÑ सुरक्षा के प्रति दृढ़ता की भावना पैदा करने के लिए इस सुरक्षा एजंसी का गठन किया गया है।

-योगगुरु स्वामी रामदेव

सुरक्षा एजंसी की संरचना करने की आवश्यकता इसीलिए पड़ी क्योंकि किसी भी संस्थान के लिए सुरक्षा एक महत्वपूर्ण अंग है। हमारे संस्थान में देश की विभिन्न निजी सुरक्षा एजंसियों के जवान तैनात हैं। फिर भी हमने सोचा कि हम अच्छे योग्य जवानों को अच्छी तरह से प्रशिक्षण देकर इस कार्यक्षेत्र में नियुक्त करें।
आचार्य बालकृष्ण, पतंजलि योगपीठ के महामंत्री

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