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पत्नी के 72 टुकड़े कर फ्रीजर मे रखने वाले पति को कोर्ट ने सुनाई उम्र कैद, 10 लाख का जुर्माना भी

राजेश ने अनुपमा की लाश के 72 टुकड़े किए थे। इन टुकड़ों को वह धीरे-धीरे मसूरी के जंगलों में ठिकाने लगा रहा था।
तस्वीर का इस्तेमाल सांकेतिक तौर पर किया गया है।

देहरादून के चर्चित अनुपमा गुलाटी हत्याकांड में कोर्ट का फैसला आ गया है। आरोपी पति राजेश गुलाटी को पत्नी की अनुपमा गुलाटी की हत्या करने के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। साथ ही उस पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साल 2010 में अनुपमा की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हत्यारे पति ने लाश के कई टुकड़े कर उसे फ्रीजर में छिपा दिया था। लगभग 7 साल बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। बता दें कि 18 अगस्त को अभियोजन और बचाव पक्ष ने कोर्ट के समक्ष अपने अंतिम तथ्य प्रस्तुत किए गए थे। कोर्ट में बचाव पक्ष ने कहा था कि राजेश गुलाटी पर हत्या की धारा नहीं बनती, क्योंकि कोई प्रत्यक्ष गवाह नहीं है। जबकि अभियोजन पक्ष ने कहा कि टुकड़ों में बंटी लाश राजेश के फ्लैट से मिली है। ऐसे में अपने आप में साबित है कि आरोपित ने ही हत्या की है।

दिल दहला देने वाला यह मामला उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का है। कत्ल की यह सनसनीखेज वारदात कैंट कोतवाली क्षेत्र के प्रकाशनगर में 11 दिसंबर, 2010 को सामने आई थी। पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश गुलाटी यहां एक मकान में पत्नी अनुपमा और दो बच्चों के साथ रहता था। अनुपमा 17 अक्टूबर, 2010 को अचानक लापता हो गई थी।

अनुपमा गुलाटी और उसके हत्यारे पति की फाइल फोटो।

बच्चों द्वारा मां के बारे में पूछे जाने पर राजेश उन्हें दो महीने तक टालता रहा। 11 दिसंबर को अनुपमा का भाई राजेश के घर पहुंचा तो उसे घर में घुसने नहीं दिया गया। जिसके बाद उसने पुलिस को इसकी सूचना दी। घर की तलाशी के दौरान पुलिस को राजेश के घर में रखे डीप फ्रीजर से अनुपमा की लाश के टुकड़े मिले।

राजेश ने अनुपमा की लाश के 72 टुकड़े किए थे। इन टुकड़ों को वह धीरे-धीरे मसूरी के जंगलों में ठिकाने लगा रहा था। पति-पत्नी के बीच अक्सर होने वाला मामूली झगड़ा कब मारपीट में तब्दील हुआ और कब इसने खूनी बदले की शक्ल अख्तियार कर ली, पता ही नहीं चला। अनुपमा जल्लाद पति के इसी गुस्से का शिकार हुई थी।

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