BJP MLA goes against the order to stop under construction slaughter houses by CM - बूचड़खाने खोलने की इजाजत नहीं दी जाएगी : त्रिवेंद्र सिंह रावत - Jansatta
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बूचड़खाने खोलने की इजाजत नहीं दी जाएगी : त्रिवेंद्र सिंह रावत

उत्तराखंड में बूचड़खाने खोलने की किसी को भी इजाजत नहीं दी जाएगी। यह बात मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कही। देहरादून में एक सरकारी समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सूबे में किसी को भी कहीं भी बूचड़खाने के निर्माण की इजाजत नहीं दी जा सकती है।

Author देहरादून, 12 अगस्त। | August 13, 2018 11:31 AM
अपनी सरकार के कैबिनेट मंत्री के इस मामले में कूदने पर मुख्यमंत्री को दबाव में आकर मंगलौर के निर्माणाधीन बूचड़खाने की अनुमति को निरस्त करना पड़ा।

उत्तराखंड में बूचड़खाने खोलने की किसी को भी इजाजत नहीं दी जाएगी। यह बात मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कही। देहरादून में एक सरकारी समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सूबे में किसी को भी कहीं भी बूचड़खाने के निर्माण की इजाजत नहीं दी जा सकती है। उन्होंने हरिद्वार जिले के मंगलौर क्षेत्र में निर्माणाधीन विवादास्पद बूचड़खाने को तुरंत बंद करने के आदेश जिलाधिकारी हरिद्वार को दिए हैं। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद हरिद्वार के जिलाधिकारी दीपक रावत ने मंगलौर में बन रहे बूचड़खाने पर रोक लगा दी है। इस बूचड़खाने को लेकर भाजपा के विधायकों ने ही अपनी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इस मामले में उस वक्त नया मोड़ आया जब उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज भी मंगलौर में बूचड़खाना खोलने के खिलाफ खड़े हो गए और उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि उनके रहते हुए हरिद्वार जिले में बूचड़खाना नहीं खोला जा सकता है।

अपनी सरकार के कैबिनेट मंत्री के इस मामले में कूदने पर मुख्यमंत्री को दबाव में आकर मंगलौर के निर्माणाधीन बूचड़खाने की अनुमति को निरस्त करना पड़ा। मुख्यमंत्री इस बूचड़खाने के निर्माण के लिए कांग्रेस की हरीश रावत सरकार को दोषी ठहराते हुए कहा कि राज्य में गोवंश संरक्षण अधिनियम लागू होने के बावजूद भी 2016 में हरीश रावत सरकार ने मंगलौर में बूचड़खाना खोलने की अनुमति दे दी थी। जो सरासर गलत था। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि भुवन चंद्र खंडूरी सरकार के समय जब वे पशुपालम मंत्री थे, तब उन्होंने उत्तराखंड में गोवंश संरक्षण अधिनियम लाकर गोवंश हत्या पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में भी देवभूमि उत्तराखंड में बूचड़खाने के लाईसेंस नहीं दिए जाएंगे। पहले से भी जो लाईसेंस दिए गए हैं उन्हें निरस्त किया जाएगा। राज्य में गोवंश संरक्षण के लिए देहरादून हरिद्वार और उधम सिंह नगर में विशेष दस्ते बनाए जाएंगे। जो गो-तस्करी के मामलों में कड़ी कार्रवाई करेंगे। राज्य में गोवंश की हत्या नहीं होने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2021 में हरिद्वार में लगने वाले कुंभ मेले से पहले हरिद्वार में ही गो-सदन बनाकर सड़कों पर लावारिस घूम रहे गोवंशों के रहने की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा का हरिद्वार जिले के विधायकों स्वामी यतिश्वरानंद, संजय गुप्ता, कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, प्रदीप बत्रा, देशराज कर्णवाल, सुरेश राठौर ने समर्थन किया है। भाजपा विधायकों ने कहा कि इस घोषणा के लिए मुख्यमंत्री हरिद्वार जिले में स्वागत किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महामंत्री हरीश रावत का कहना है कि उन्होंने हरिद्वार जिले के मंगलौर में बूचड़खाना खोलने की अपने कार्यकाल में कोई अनुमति नहीं दी थी। भाजपा के शासनकाल में 2017 में बूचड़खाना खोलने की अनुमति दी गई। मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक जनता को गुमराह कर रहे हैं। क्योंकि राज्य सरकार जनता में अपना विश्वास खो चुकी है। इसलिए झूठ का सहारा ले रही है। मंगलौर क्षेत्र के कांग्रेस के विधायक काजी निजामुद्दीन का कहना है कि भाजपा सरकार ने ही मंगलौर में बूचड़खाना खोलने की अनुमति दी है। क्योंकि हरिद्वार जिले के भाजपा विधायकों की मुख्यमंत्री सुनते नहीं हैं। इसलिए वे कांग्रेस पर दोष मढ़ कर खीज मिटा रहे हैं।

भाजपा के विधायक संजय गुप्ता का कहना है कि मंगलौर के कांग्रेसी विधायक काजी निजामुद्दीन जनता को गुमराह कर रहे हैं। उनके करीबी मंगलौर नगर पालिका के चेयरमैन ने ही मंगलौर में बूचड़खाना खोलने का प्रस्ताव पास करवाया था। जबकि पालिका के 15 सभासदों में से छह सभासदों ने इसका विरोध किया था। इस तरह कांग्रेस इस मामले में गलत बयानी कर रही है।

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